राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है हिंदी: सिंह

अंबिकापुर | हिंदी दिवस के अवसर पर तुलसी साहित्य समिति द्वारा केशरवानी भवन में काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें हिंदी की गरिमा, महत्व और संरक्षण को लेकर साहित्यकारों ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर यादव विकास ने की, जबकि मुख्य अतिथि महामना मालवीय मिशन के अध्यक्ष ब्रह्माशंकर सिंह रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पं. रामनारायण शर्मा, एसपी जायसवाल, आचार्य दिग्विजय सिंह तोमर, चंद्रभूषण मिश्र और सच्चिदानंद पांडेय उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां भारती की सामूहिक पूजा, रामचरितमानस और सरगुजिहा रामायण के पाठ से हुई। गीतकवि कृष्णकांत पाठक की सरस्वती वंदना ने वातावरण को भावमय बना दिया। ब्रह्माशंकर सिंह ने हिंदी को राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक बताया, जबकि पं. रामनारायण शर्मा ने संविधान के अनुच्छेद 343 और 351 का हवाला देते हुए देवनागरी लिपि के प्रयोग को बढ़ावा देने की अपील की।

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