खोह थाना क्षेत्र के गांव ककड़ा में मंगलवार सुबह विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। पीहर पक्ष का आरोप है कि ससुराल वालों ने उनकी बेटी सरला की हत्या कर शव का गुपचुप अंतिम संस्कार करने की कोशिश की। जानकारी मिलते ही खोह थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ससुराल पक्ष ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। श्मशान घाट के रास्ते में ट्रैक्टर खड़ा कर दिया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी की वर्दी फट गई और बटन टूट गए। हमले की सूचना पर एएसपी डीग अखिलेश शर्मा, एएसपी कामां महेश शर्मा, सीओ डीग मनीषा गुर्जर और सीओ कामां धर्मराज भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। नगर से बुलाई गई फायर ब्रिगेड की मदद से चिता की आग बुझाकर अधजले शव को कब्जे में लिया गया। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के बाद शव पीहर पक्ष को सौंप दिया गया। पुलिस ने हत्या तथा राज कार्य बाधा के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। चार लोगों को पुलिस पर हमले के मामले में डिटेन भी किया गया है। आरोपी पक्ष अपने-अपने घरों से फरार हैं। लोगों ने रास्ते में ट्रैक्टर खड़ा कर शमशान घाट का रास्ता रोका खोह थाना प्रभारी महेंद्र शर्मा ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को गांव ककड़ा में आग लगने की सूचना मिली। पीहर पक्ष के लोगों ने सूचना दी कि उनकी पुत्री 42 वर्षीय सरला की हत्या कर शव को दाह संस्कार करने का प्रयास किया जा रहा है। खोह थाने से पुलिस टीम गांव ककड़ा पहुंची तो मृतिका सरला के शव को श्मशान में चिता पर रख कर उसका पति और ससुराली जन उसके अंतिम संस्कार में जुटे हुए थे। पुलिस ने जब उन्हें ऐसा करने से रोका तो उन लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ गाली गलौज करते हुए हमला कर राज कार्य में व्यवधान उत्पन्न कर दिया। ट्रैक्टर से रास्ता रोक दिया। ससुर को अन्य महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा इसलिए की हत्या मृतका के पिता रघुवीर सिंह ने तहरीर में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी पुत्री सरला ने अपने ससुर को परिवार की एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। पिता का दावा है कि इस भेद के खुलने के डर से मंगलवार को उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष ने मामले को छिपाने के लिए शव का जल्दबाजी में दाह संस्कार कर सबूत मिटाने का प्रयास किया। पिता ने मृतका के पति अशोक कुमार, ससुर सुखवीर सिंह, सास रजवती, देवर त्रिलोक, राजू, मुकेश सहित अन्य परिवार जनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। 2005 में हुई थी शादी, संतान न होने पर करते थे प्रताड़ित मृतका के पिता ने पुलिस को तहरीर में बताया कि उनकी पुत्री सरला और कृष्णा की शादी 16 जुलाई 2005 को गांव ककड़ा निवासी अशोक व त्रिलोक, पुत्र सुखबीर जाट के साथ हुई थी। उनका कहना है कि विवाह के कई वर्ष बाद भी सरला की संतान नहीं हुई। इसी कारण से उसका पति और ससुरालीजन समय-समय पर उसे प्रताड़ित करते थे। 50 जनों के खिलाफ मामला दर्ज ग्राम ककड़ा में हुई घटना के दौरान भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में कानि. मनोज और कानि. ओमप्रकाश घायल हो गए। भीड़ ने दोनों के साथ गाली-गलौच और मारपीट की, फोन छीन लिया। राजकार्य में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने के आरोप में कई लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें नागेन्द्र, प्रेमसिंह, भूपसिंह, दर्बसिंह, महेन्द्र, विकास, मन्नू, महेश, नरेन्द्र, सुरेन्द्र, माहाराज, भीम , सोनू, जीतू सहित 50 जनों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कराया है। “विवाहिता की हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट होंगे। अनुसंधान जारी है। वहीं, पुलिस कार्य में बाधा डालने को लेकर मामला भी दर्ज किया गया है। निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।” -ओमप्रकाश मीणा, एसपी डीग।


