यूटीबी नर्सेज की नियुक्तियों, डेयरी बूथ आवंटन सहित विभिन्न प्रकार की अनियमितताओं के आरोपों को लेकर एसपी मेडिकल कॉलेज प्रशासन के विरुद्ध राज्य सरकार को रिपोर्ट भेजने की तैयारी की जा रही है। संभागीय आयुक्त ने मंगलवार को नोटिस जारी करते हुए प्रिंसिपल डॉ. गुंजन सोनी से स्पष्टीकरण मांगा है। पीबीएम में पिछले कुछ दिनों से अराजकता का माहौल है। बच्चा अस्पताल में मैट्रन के साथ मारपीट की घटना के मामले में आरोपी यूटीबी नर्स रविंद्र का बचाव करने पर प्रिंसिपल की भूमिका पर सवाल खड़े हुए हैं। उसके सीएमएचओ रिलीविंग आदेश वापस लेने पर मामला तूल पकड़ गया है। दरअसल, पीबीएम में यूटीबी नर्सेज की नियुक्तियां सीएमएचओ के जरिए हुई थीं। रिक्त पद भरने पर स्वतः ही सेवा समाप्ति के आदेश भी नियुक्ति पत्र में दिए गए थे। उसके बाद उनके चिकित्सा शिक्षा विभाग में समायोजन को लेकर संभागीय आयुक्त ने जानकारी मांगी है। इसके साथ ही रविंद्र को रिलीव नहीं करने पर भी स्पष्टीकरण मांगा है। संभागीय आयुक्त ने पीबीएम परिसर में अवैध रूप से डेयरी बूथ के लिए एनओसी जारी करने को भी गंभीरता से लिया है। प्रिंसिपल से पूछा है कि किस नियम के तहत यह आवंटन किया गया। इन बिंदुओं पर तीन दिन में जवाब मांगा गया है। भास्कर इनसाइट – किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची कमेटी, दूसरा पक्ष नहीं आया बच्चा अस्पताल में मैट्रन के साथ मारपीट और लज्जा भंग करने के मामले में गठित जांच कमेटी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची। मंगलवार को तीसरी और अंतिम मीटिंग हुई। एक ही पक्ष उपस्थित हुआ। रविंद्र ने अपना बयान लिखित में पेश किया है, जबकि दूसरे पक्ष के मैट्रन हरनीर कौर और सुभाष चौहान उपस्थित नहीं हुए। अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. रेखा आचार्य ने बताया कि तीन कार्य दिवस तय हुए थे, लेकिन दूसरा पक्ष सूचना देने के बाद भी नहीं आया है। इसलिए उन्हें एक दिन का समय और दिया गया है। बुधवार को वे अपना पक्ष रख देंगे तो ठीक है, वरना प्रिंसिपल को रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी जाएगी। उधर दूसरे पक्ष का आरोप है कि कमेटी में बच्चा अस्पताल के एचओडी को शामिल करना चाहिए था, क्योंकि घटना वहीं पर हुई थी। कमेटी में शामिल किए गए सदस्य विरोधी गुट के हैं। उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। हालांकि पीड़ित पक्ष की एक सदस्य विदेश चली गई हैं। ऐसे में सभी के बयान दर्ज नहीं हो सकेंगे। संभागीय आयुक्त से मिले सीनियर नर्सेज पीबीएम अस्पताल में आंदोलन कर रहे सीनियर नर्सेज ने मंगलवार शाम को संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल ने हठधर्मिता अपना रखी है। सरप्लस यूटीबी नर्सेज ने भी संभागीय आयुक्त को ज्ञापन और दस्तावेज देकर बताया कि वरीयता को लांघ कर 20 यूटीबी नर्सेज का समायोजन प्रिंसिपल ने किया है। उधर सीनियर नर्सिंग अधिकारियों की तीन घंटे की टोकन हड़ताल मंगलवार को भी जारी रही। बुधवार को सभी केंद्रीय मंत्री से मिलकर अपनी समस्या को रखेंगे। संभागीय आयुक्त से मिलने वालों में संतोष तंवर, सतीश कुमार, रजमान, राजबाला यादव, ज्योति पूनिया आदि शामिल थे। उधर हड़ताल को देखते हुए सीएमएचओ ने 39 नर्सिंग कर्मचारी पीबीएम भेजे हैं। “प्रिंसिपल को नोटिस जारी कर तीन बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। उनका जवाब मिलने के बाद राज्य सरकार को फैक्चुअल रिपोर्ट भेजी जाएगी। प्रिंसिपल के विरुद्ध कार्रवाई करने का अधिकार सरकार को है।” -विश्राम मीणा, संभागीय आयुक्त


