हांडीखेड़ा बाबा की महिला का स्तन दबाने पर सफाई:सिरसा में बोला- उसकी छाती में दर्द था, जो किया, खुलेआम किया, कमरे में नहीं

हरियाणा के सिरसा में हांडी खेड़ा में दरबार लगाने वाले बाबा संजय भगत का लगातार विरोध हो रहा है। बाबा का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह इलाज के नाम पर महिला के स्तन दबाता हुआ नजर आया। अब दैनिक भास्कर एप से बातचीत में संजय भगत ने इस पर सफाई दी है। संजय ने कहा कि महिला की छाती में गांठ की वजह से दर्द था। मैंने दरबार में सबके सामने इलाज किया। गलत तब होता जब हम कमरे के अंदर होते। महिला भी ठीक हो गई है। वहीं, झाड़-फूंक के नाम पर अंधविश्वास फैलाने को लेकर संजय ने कहा कि कुछ लोग ही धर्म विरोधी हैं और दरबार का नाम बदनाम कर रहे हैं। अगर मैंने किसी से सिर हिलाकर पैसे मांगे तो यह पाखंड है। मैं कोई दवा नहीं देता, बालाजी का नाम जपकर झाड़ा लगाता हूं। मुझे गुरु का आशीर्वाद प्राप्त है। मंगलवार को भड़के ग्रामीणों ने गांव के एंट्री पॉइंट पर नाकेबंदी कर दूसरे जिलों से दरबार में आने वाले लोगों को रोक लिया था। इसके बाद संजय भगत ने डायल 112 पर फोन कर पुलिस बुला ली थी। जानिए संजय भगत ने बातचीत में क्या-क्या कहा…. सवाल: आपने कहां से पढ़ाई की और आप इसमें कब आए?
बाबा: मैंने 12वीं तक पढ़ाई की है। 12वीं के बाद कुछ परिस्थितियां ही ऐसी हो गईं कि आगे पढ़ा नहीं जा सका, क्योंकि परिवार गरीबी के हालात में था। हम मजदूरी करते थे। सवाल: गांववालों ने शिकायत दी कि बाबा संजय पाखंड व अंधविश्वास फैला रहे हैं।
बाबा: पाखंड या अंधविश्वास उसे कहते हैं, जब हम सिर हिलाकर किसी को बता दें कि इतने हजार पैसे दे दो। वह गलत है। अंधविश्वास वह है, जब किसी को पकड़कर लेकर जाया जाए, किसी को रोकर बताया जाए या सिर हिलाकर बताया जाए कि आज यह देवता आ गया है। हमारे पास तो बालाजी महाराज का जाप है, गुरुमंत्र है, उसी से नाम लेकर झाड़ा लगा देते हैं। सवाल: गांव में जो माहौल है, उस पर क्या कहना है?
बाबा: गांव का माहौल बहुत अच्छा है। हरियाणा में सफाई में पहली बार यह गांव नंबर एक पर आया है, यह साफ-सुथरा है और साथ ही अंदर से भी स्वच्छ है। इसलिए गांव में कोई कमी नहीं है। कुछ लोग ही ऐसे हैं, जो धर्म विरोधी हैं। वे ऐसा करके यह दिखाना चाहते हैं कि दरबार के अंदर लूट होती है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। गांव में कोई गर्म माहौल नहीं है, कुछ लोग इसे बना रहे हैं। वे दिखावा कर रहे हैं ताकि दरबार के नाम को बदनाम किया जा सके या दरबार को निलंबित किया जा सके। उनके लिए मैं यही कहना चाहूंगा कि जो जैसा करेगा, वैसा ही भरेगा। अगर आज हम कुछ गलत कर रहे हैं तो उसके लिए सरकार और प्रशासन बैठे हैं। सवाल: क्या शादी की मन्नत लेकर भी लोग आते हैं?
बाबा: हां जी, हजारों लोग आते हैं। सवाल: आपने यह सब कब शुरू किया?
बाबा: मैं सात-आठ साल से भक्ति कर रहा हूं। इसी का फल आज लोगों को मिल रहा है। मुझे सपने में बालाजी के दर्शन हुए थे। मैंने खाजाखेड़ा के गुरुजी से आशीर्वाद लिया है। दरबार लगाए 10 साल हो गए। पहले मैं मेहनत-मजदूरी करता था, खेती-बाड़ी करता था, नरमा-धान कटाई करता था। सवाल: गांववाले कह रहे हैं कि पहले आप कबाड़ का काम करते थे, चोरी का भी आरोप लगाया।
बाबा: अगर किसी के पास ऐसी वीडियो हो कि मैंने चोरी की है, तो आप जनता को दिखाओ। बचपन में कोई बच्चा अगर टॉफी उठाकर खा जाए, तो वह चोरी थोड़ी है। जो ऐसा कहता है, वह क्या पता खुद वैसा ही हो। सवाल: पहले यहीं दरबार लगता था या कहीं और?
बाबा: पहले गांव के बीच में हांडी खेड़ा दरबार से शुरुआत हुई थी। 2 साल से यहां हैं। सवाल: गांववालों ने अनुयायियों को यहां आने से रोका। आप दरबार छोड़कर भी बाहर गए।
बाबा: वे गांववाले नहीं हैं। मैं तो वहां गया नहीं। कुछ यात्री बता रहे थे कि वहां शराबी हैं, जो परेशान कर रहे हैं। मैंने पुलिस को भी कहा है। इंसान स्वतंत्र है, कहीं भी जा सकता है। संगत खुद आ रही है, उनका विश्वास है। उनसे बात हुई थी। कुछ संगत तो जान पर भी खेल जाने को तैयार है। सवाल: लोग कहते हैं कि पहले लोग अपनी मर्जी से तेल, अनाज चढ़ाते थे, पर अब बाबा की डिमांड बढ़ती जा रही है। मेहंदीपुर के युवक ने पैसे देने की बात कही।
बाबा: यह एक षडयंत्र रचा गया है। दरबार में क्यूआर कोड भी लगा हुआ है। इस पर कोई पैसा डालता है, बाद में कहता है कि जानबूझकर मांग लिए। कल को 10-15 लोग और जाएंगे। सवाल: एक महिला को झाड़ा लगाते हुए वीडियो वायरल हुआ है।
बाबा: हां, अगर आपको छाती में दिक्कत है और मैं हाथ लगा दूं, तो यह गलत कैसे हो गया? दरबार लगा हुआ है। गलत तो तब है जब किसी कमरे के अंदर हो। दरबार में हर किसी की वीडियो बनती है, कैमरे भी लगे हैं। उस महिला को छाती में गांठ थी, वह ठीक हो गई है। पिछले शनिवार को वह मिठाई भी लाई थी। कहो तो उसकी बात सुना दूं। हर किसी को बुराई चाहिए। सवाल: बाउंसर की कब जरूरत पड़ी?
बाबा: बाउंसर कोई नहीं है, सब सेवादार हैं केवल। आज मैं काले कपड़े पहन लूं तो बाउंसर हो गया? ये सेवादार तब से आ रहे हैं, जब से दरबार लग रहा है। आज ये हैं, कल कोई और जाएगा। यहां दरबार में कुछ होगा, तो यहीं का नाम बदनाम होगा। कोई बाहर का बंदा किसी को थप्पड़ मारता है, तो कहेगा कि बाबा का बाउंसर है। इस चीज को दिखाया ही इस तरह से गया है कि बाबा का नाम ही आए। बाहर झगड़ा नहीं हुआ। सवाल: गांव वाले कहते हैं कि चढ़ावा दुकान पर बेच दिया जाता है।
बाबा: यहां खुला दरबार है, कोई चीज छिपी नहीं हुई। जो दरबार के नाम पर आता है, वह यहीं रहता है। किसी मंदिर में लंगर नहीं बनता, पर यहां सभी यात्रियों के लिए लंगर बनता है। डेली की जो सेवा है, वह सिविल अस्पताल के सामने भी जाती है, वह दरबार से ही जाती है। वह अनाज व तेल संगत ही लेकर आती है। ———————————- हांडी खेड़ा बाबा से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें :- महिला का स्तन दबाने वाला हांडीखेड़ा बाबा विवादों में:सिरसा में कबाड़ी-हेयर ड्रेसर रहा, फिर झाड़-फूंक करने लगा; बाउंसर भी रखे हरियाणा में सिरसा जिले के हांडीखेड़ा गांव में दरबार लगाकर झाड़-फूंक करने वाले बाबा संजय भगत की ग्रामीणों ने पुलिस में शिकायत दी है। इसमें आरोप है कि बाबा के द्वारा अंधविश्वास फैलाया जा रहा है। झाड़ा लगाने के नाम पर सरसों का तेल और हजारों रुपए लिए जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर… सिरसा का हांडी खेड़ा बाबा डेढ़ घंटे बाद वापस लौटा:विरोध के बाद दरबार छोड़कर चला गया था; ग्रामीणों ने गांव में की नाकाबंदी सिरसा के हांडी खेड़ा दरबार के बाबा संजय भगत का उसके गांव हांडी खेड़ा में ग्रामीणों ने विरोध किया। जिसके बाद वह 16 सितंबर की दोपहर दरबार छोड़कर गांव से बाहर चला गया। हांलाकि डेढ़ घंटे बाद वह वापस दरबार में आ गया। पढ़ें पूरी खबर…

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