पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड में विश्वकर्मा पूजा की तैयारियों के बीच एक मोटरसाइकिल गैरेज में पांच फुट लंबा कोबरा निकल आया। सूचना मिलने पर सर्प मित्र ने मौके पर पहुंचकर सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे जंगल में छोड़ दिया। इस घटना से गैरेज संचालक बाल-बाल बच गए। यह घटना बुधवार को महेशपुर थाना क्षेत्र में हुई, जब विभिन्न मोटर गैरेज और पत्थर औद्योगिक क्षेत्रों में विश्वकर्मा पूजा की साफ-सफाई चल रही थी। महेशपुर प्रखंड के छोटू शेख अपने मोटरसाइकिल गैरेज की सफाई कर रहे थे। सफाई के दौरान, गैरेज परिसर में रखी एक सूखी पानी की टंकी में, जहां वे मोबिल और ग्रीस के डिब्बे रखते थे, उन्हें एक जहरीला कोबरा सांप दिखाई दिया। सांप फन उठाकर फुफकारने लगा, जिसे देखकर छोटू शेख घबरा गए और उन्होंने तुरंत लोगों को इसकी सूचना दी। कोबरा को पास के घने जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया सांप निकलने की खबर फैलते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई। लोगों ने तत्काल वन विभाग के सर्प मित्र अशराफुल शेख को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही अशराफुल शेख अपने सहकर्मी के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने सूखी टंकी के अंदर फुफकार रहे कोबरा को देखा और सावधानीपूर्वक उसका सफल रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के बाद अशराफुल शेख ने कोबरा को पास के घने जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया। घर के अंदर सांप दिखे तो उसे मारने से बचें: सर्प मित्र सर्प मित्र अशराफुल शेख ने बताया कि यह एक भारतीय नाग सांप था, जिसकी लंबाई लगभग पांच फुट और उम्र 12-13 वर्ष के करीब थी। उन्होंने कहा कि यह सांप काफी जहरीला होता है और अक्सर चूहों का शिकार करने के लिए घरों में घुस जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि घर के अंदर सांप दिखे तो उसे मारने से बचें। अशराफुल शेख ने यह भी बताया कि बरसात के मौसम में सांप अक्सर अपने बिल से बाहर निकल आते हैं, क्योंकि उनके बिल में पानी भर जाता है।


