झालावाड़ के हाउसिंग बोर्ड इलाके में महिला बाल अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर पर मंगलवार को एक विवाहिता ने फंदे से लटककर सुसाइड कर लिया। बुधवार को एसआरजी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई के लिए परिजन पहुंचे, लेकिन उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनने के कारण पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका। पुलिस के अनुसार भालता थाना क्षेत्र के एक गांव से एक युवक के साथ भागी विवाहिता को उसके ससुराल और पीहर पक्ष दोनों ने अपने पास रखने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने उसे झालावाड़ के सखी वन स्टॉप सेंटर में छोड़ दिया था। बताया गया कि युवती राजगढ़ (मध्यप्रदेश) की रहने वाली थी और उसकी शादी भालता थाना इलाके के एक गांव में हुई थी। वह पिछले डेढ़ साल से ससुराल में रह रही थी। अपनी बहन के यहां आने-जाने के दौरान वह एक युवक के साथ भाग गई थी। परिजनों की सूचना पर भालता पुलिस ने उसे डिटेन किया। युवती ने लड़के के साथ जाने की बात कही, लेकिन बाद में लड़के ने भी उसे अपने साथ रखने से मना कर दिया। ऐसी स्थिति में पुलिस उसे सखी वन स्टॉप सेंटर में छोड़कर चली गई, जहां उसने दुपट्टे से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। घटना के समय वह कमरे में अकेली थी। एसआरजी अस्पताल में परिजन सुबह से ही धरने पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि भालता पुलिस ने उन्हें विवाहिता को झालावाड़ लाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी। परिजनों ने आरोपित लड़के के खिलाफ कार्रवाई और सखी सेंटर के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सेंटर में उसे अकेला छोड़ दिया गया, जिससे उसने यह कदम उठाया। परिजनों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगें पूरी होने के बाद ही पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।


