कवर्धा में 70 लोगों की घर वापसी..ईसाई धर्म छोड़ा:BJP विधायक ने पैर पखारकर किया स्वागत;बोलीं- कुछ लोग प्रलोभन देकर जनजातीय-समाज को गुमराह कर रहे

पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने 70 जनजातीय लोगों की घर वापसी कराई। कुई-कुकदुर में आयोजित समारोह में भावना बोहरा ने उनका पैर पखारकर स्वागत किया। साथ ही पीएम सूर्य घर योजना के प्रचार के लिए जागरूकता वाहनों को रवाना किया गया। विधायक भावना बोहरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 75वें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की नीतियां मातृशक्ति, युवाशक्ति, आदिवासी समाज और किसानों के सशक्तिकरण में अहम भूमिका निभा रही हैं। अंत्योदय के संकल्प के साथ वे सभी वर्गों को देश की विकास यात्रा में सहभागी बना रहे हैं। विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री बनाकर आदिवासी समाज को दिया सम्मान भावना बोहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से देश की धार्मिक संस्कृति, विरासत और सभ्यता समृद्ध हो रही है। विशेष रूप से जनजाति समाज के कल्याण और सम्मान के लिए उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है। छत्तीसगढ़ में भी उनका स्नेह स्पष्ट है। उन्होंने द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति और विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री बनाकर आदिवासी समाज को सम्मान दिया। मूलभूत सुविधाओं का हुआ विस्तार विधायक ने बताया कि वनांचल क्षेत्र में निशुल्क एम्बुलेंस, मोबाइल हेल्थ लैब, शैक्षणिक सुविधाएं, अधोसंरचना विकास, और जनजाति परिवारों के लिए 3300 से अधिक पीएम आवास जैसे कार्य किए गए हैं। पीएम जनमन योजना से सड़कों और मूलभूत सुविधाओं का भी विस्तार हुआ है। उन्होंने विधानसभा में जनजातीय समाज की समस्याओं की आवाज उठाई और उनकी संस्कृति व धरोहरों को सहेजने के प्रयास किए। इसी के परिणामस्वरूप पंडरिया में 70 लोगों ने ‘घर वापसी’ कर मूल धर्म को अपनाया, जिनका कार्यक्रम में स्वागत किया गया। प्रलोभन से हो रहा धर्मांतरण भावना बोहरा ने कहा कि घर वापसी सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि संस्कृति और पहचान को पुनः प्राप्त करने का मजबूत कदम है। कुछ लोग प्रलोभन देकर जनजातीय समाज को गुमराह कर रहे हैं, जिससे उनकी विरासत और सभ्यता को नुकसान हो रहा है। भाजपा सरकार ऐसे मंसूबों को सफल नहीं होने देगी। यह मुद्दा न केवल सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा से जुड़ा है, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव की भी परीक्षा है। छत्तीसगढ़ की विविधतापूर्ण परंपरा को जबरन धर्मांतरण से खतरा पहुंचा है, जिससे सामाजिक ताना-बाना कमजोर हो रहा है। विदेशी फंडिंग से आदिवासी समुदायों को बना रहे निशाना उन्होंने कहा कि विदेशी फंडिंग से संचालित एनजीओ और मिशनरी संगठन आदिवासी समुदायों को निशाना बना रहे हैं, जो उनकी पहचान मिटाने की साजिश है। इसे रोकने के लिए 2024 में भाजपा सरकार ने धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 1968 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है। जिसमें धर्मांतरण से 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को सूचना देना अनिवार्य होगा और पुलिस को जांच का अधिकार मिलेगा। अवैध धर्मांतरण पर 10 साल तक की सजा हो सकती है। मुख्यमंत्री ने इसे आदिवासी संस्कृति की रक्षा का कदम बताया और एकजुट होने का आह्वान किया। भू-नक्शा भुइयां सॉफ्टवेयर में अपलोड पूर्व नगर संघचालक हरीश लुनिया ने बताया कि भावना बोहरा के प्रयास से 70 लोगों ने घर वापसी की। कुकदुर मंडल अध्यक्ष बसंत वटिया ने भी उनके कार्यों की सराहना की और बताया कि ग्राम सारपानी का 2016-17 से लंबित भू-नक्शा उनके प्रयासों से भुइयां सॉफ्टवेयर में अपलोड हुआ, जिससे स्थानीय किसानों को फायदा मिलेगा। …………………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 10 लोगों की घर वापसी..ईसाई धर्म छोड़ा: कोंडागांव में बीमारी ठीक करने के झांसे में आए; समाज प्रमुख ने समझाया- जाति जनगणना में परेशानी होगी छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में 2 परिवार के 10 लोगों ने ईसाई धर्म छोड़कर अपने मूल धर्म आदिवासी समाज में वापसी की है। इनमें 3 बच्चे भी शामिल है। ये लोग पिछले 3-4 साल से ईसाई धर्म में फंसे हुए थे। जिन्हें प्रलोभन देकर, बहला फुसलाकर धर्म छोड़ने को मजबूर किया गया था। पढ़ें पूरी खबर…

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