कला एवं संस्कृति विभाग राजस्थान सरकार के सहयोग से निर्देशक सीमा गुप्ता के निर्देशन में नाटक ‘ओ मेरे सपने’ का मंचन रवीन्द्र मंच के मिनी थिएटर में किया गया। जगदीश चंद्र माथुर लिखित इस नाटक में सपनों की दुनिया में जीने वाले लोगों की व्यथा और उनकी मानसिकता को हास्य-व्यंग्य के माध्यम से दर्शाया गया। नाटक की कथा तीन किरदार मगनचंद, गोपीनाथ और सूरजभान के इर्द-गिर्द घूमती है, जो हमेशा फिल्मी दुनिया में खोए रहते हैं। उनकी दीवानगी इस कदर होती है कि वे हर परिस्थिति को फिल्मों और उनके हीरो-हीरोइनों से जोड़ते हैं। रेस्टोरेंट में बैठे-बैठे वे फिल्मी हीरोइनों के ख्यालों में खोए रहते हैं, तभी एक महिला का प्रवेश होता है। तीनों उसमें अपनी-अपनी हीरोइन की छवि देखते हैं और उसे पाने की चाह में उसके घर तक पहुंच जाते हैं। लेकिन सच्चाई जानकर उनके सपने चूर-चूर हो जाते हैं। पूरे घटनाक्रम को हास्य अंदाज में प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को खूब गुदगुदाया और अंत तक बांधे रखा। नाटक में मगनचंद की भूमिका फ़ैज़ान खान, गोपीनाथ की ओवेश खान, सूरजभान की रामकिशन गुर्जर, विमल की गौरव कुमावत, सरिता की पिंकी चौधरी और कंछी की भूमिका ख़ालिद ज्यान ने निभाई। तकनीकी सहयोग में प्रकाश व्यवस्था केशव गुप्ता, रूप सज्जा गीतिका गुप्ता, वस्त्र सज्जा जुगल किशोर खत्री, पार्श्व संगीत विजय, मंच प्रबंधन ओशी गुप्ता और बैकस्टेज सहयोग चंद्रप्रकाश ने संभाला। नाटक की परिकल्पना एवं निर्देशन सीमा गुप्ता का था, जबकि प्रस्तुति सहयोग यूनिवर्सल थिएटर एकेडमी, जयपुर का रहा।


