विदिशा में लगी सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत:बुजुर्गों का सहारा बनी; पारिवारिक विवादों में सुलह से तीन पीढ़ियों में लौटी मुस्कान

विदिशा जिले में बुजुर्गों की समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस द्वारा चलाई जा रही सीनियर सिटिजन पुलिस पंचायत पहल लगातार राहत पहुंचा रही है। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देश पर चल रही यह विशेष व्यवस्था हर सप्ताह बुजुर्गों के मामलों की सुनवाई करती है और उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास करती है। साप्ताहिक बैठक में सुनवाई और समाधान 17 सितंबर को हुई साप्ताहिक बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे ने की। इस दौरान कोर कमेटी सदस्य डॉ. सचिन गर्ग, आर. कुलश्रेष्ठ, प्रमोद व्यास, दिनेश वाजपेयी, अजय टंडन और विनोद शाह भी मौजूद रहे। बैठक में कई नए और पुराने मामलों पर सुनवाई की गई और बुजुर्गों को राहत दी गई। वेतन नहीं मिलने पर हुआ समझौता एक 73 वर्षीय बुजुर्ग ने शिकायत दर्ज कराई कि वे 17 महीने तक एक निजी संस्था में काम करते रहे, लेकिन उन्हें भुगतान नहीं मिला। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद 15 दिन में वेतन भुगतान पर सहमति बनी। पारिवारिक विवाद में बेटे ने मांगी माफी एक सेवानिवृत्त दंपती ने बताया कि उनका बेटा शराब पीकर गाली-गलौज करता है और घर में झगड़ा करता है। पंचायत में बेटे ने शपथ ली कि वह अब न शराब पीएगा और न ही झगड़ा करेगा। माता-पिता ने उसे माफ कर फिर से साथ रखने का फैसला किया। इससे तीन पीढ़ियों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई। ऑटो बेचने वाले बेटे के खिलाफ कार्रवाई गंजबासौदा के एक वृद्ध ने बताया कि उनका बेटा गलत संगत में पड़कर घर का सामान और ऑटो रिक्शा बेच चुका है। इस पर पुलिस ने तत्काल मौके पर जाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। भरण-पोषण की मांग पर अगली सुनवाई तय एक 73 वर्षीय बुजुर्ग ने शिकायत की कि उनकी पत्नी और बेटा उन्हें छोड़कर चले गए हैं, और वे अकेले रहने को मजबूर हैं। इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख तय की गई है।

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