भास्कर न्यूज| पंडोरी तरनतारन सिविल अस्पताल तरनतारन की जच्चा-बच्चा वार्ड की नई बिल्डिंग 4 वर्षों में ही सुविधाओं से बंचित हो गई है। अस्पताल प्रबंधकों की लापरवाही के चलते यहां कई दिनों से लिफ्ट खराब है और न मरीजों के बैठने की व्यवस्था और न ही पीने के लिए पानी का प्रबंध है। सिविल अस्पताल में पिछले एक महीने से अस्पताल की इमरजेंसी और ओपीडी ब्लाक सहित अन्य जगहों पर लगाए गए अधिकतर वाटर कूलर बंद पड़े हैं। जच्चा-बच्चा वार्ड की नई बिल्डिंग में लगी लिफ्ट भी वर्षों से बंद पड़ी है। जिसके कारण बजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को दो से तीन मंजिला वार्डों में सीढ़ियों से जाना पड़ता है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के लिए बड़ी परेशानी हो सकती है।
एसएमओ डा. सुरिंदरपाल का कहना है कि उन्होंने 25 दिन पहले ही सिविल अस्पताल के एसएमओ का पदभार संभाला है। मरीजों को किसी भी तरह की मुश्किल न आए यह अस्पताल प्रबंधकों की पहली जिम्मेदारी है। अगर कोई असुविधा है तो उसे जल्द ही दुरुस्त करवाया जाएगा। ये हालात तब हैं जब सिविल अस्पताल में रोजाना ओपीडी में जांच करवाने के लिए करीब 500 से अधिक मरीज आते हैं। 200 के करीब मरीज हर समय विभिन्न वार्डों में एडमिट रहते हैं। जब किसी मरीज को प्यास लगती है, तो वह इन सूखे नलों को देखकर मायूस हो जाते हैं। मरीजों को अपनी प्यास बुझाने के लिए अस्पताल के अंदर स्थित कैंटीनों या बाहर की दुकानों से बोतलबंद पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस संबंधी चांद रानी, किरना, कुलवंत कौर, दलजिंदर सिंह, करन ने बताया कि गर्मी का मौसम है। अस्पताल में लगे वाटर कूलर बंद होने के कारण ठंडे पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।


