जालोर जिले की जवाई नदी में प्रशासन की लापरवाही से एक डंपर पलट गया। गनीमत रही कि ड्राइवर सुरक्षित बच गया और कोई जनहानि नहीं हुई। हादसे के बाद डंपर को गुरुवार सुबह क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि जवाई नदी पर सामतीपुरा-सरवूपरा मार्ग का पुल करीब 5 साल पहले बहाव में टूट गया था। तब से अब तक प्रशासन ने स्थायी मरम्मत नहीं करवाई। हर बार नदी का बहाव कम होने पर सिर्फ मिट्टी डालकर रास्ता बहाल किया जाता है। लेकिन बारिश या बांध का पानी छोड़ने पर मिट्टी बह जाती है और गांवों का संपर्क कट जाता है। 10 दिन तक गांवों का संपर्क कटा
बता दे कि करीब 5 साल पहले जालोर से सामतीपुरा व सवरूपरा महादेव मंदिर तक जाने रास्ते पर जवाई नदीं पर बानी रपट टूट गई थी। तब से हर बार नदी का पानी आने पर यह रास्ता बंद हो जाता है। प्रशासन ने स्थायी मरम्मत करने के बजाय हर बार पानी का बहाव कम होने पर मिट्टी डालकर अस्थायी रूप से रास्ता ठीक किया है।
इस बार भी जवाई बांध से छोड़े गए तेज बहाव में वाड़ी के पास डाली गई मिट्टी बह गई। जिससे करीब 10 दिन तक सामतीपुरा और सवरूपरा गांव का संपर्क कटा रहा। अस्थायी सुधार, फिर हादसा
तीन दिन पहले, 15 सितंबर को बहाव कम होने पर रास्ते पर फिर से मिट्टी डाली गई थी। लेकिन लगातार वाहनों की आवाजाही और पानी के दबाव से बुधवार देर रात सामतीपुरा की ओर से आ रहा एक डंपर धंसकर पलट गया। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। डंपर को गुरुवार सुबह क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया।


