सरमथुरा उपखंड के बीलोनी गांव के लोगों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मां चामुंडा मंदिर के पास से अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग की है। ग्रामीणों ने पूर्व में हुई मारपीट की घटना पर भी कार्रवाई की अपील की। उनका आरोप है कि कुछ लोगों ने मंदिर परिसर की आबादी भूमि पर कब्जा कर रखा है। ग्रामीणों के अनुसार मां चामुंडा मंदिर एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थल है, जहां वर्षभर श्रद्धालु आते हैं और साल में दो बार विशाल लक्खी मेले का आयोजन होता है। अतिक्रमण के कारण मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के ठहरने, रात्रि विश्राम और वाहन पार्किंग के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। जुलाई माह में कुछ असामाजिक तत्वों ने श्रद्धालुओं द्वारा निर्मित प्याऊ (पेयजल टंकी) को तोड़ दिया था। इसके बाद उस जगह पर अवैध रूप से अस्थायी दुकानें बना ली गईं। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि ग्राम पंचायत की आबादी भूमि है, जिस पर अवैध कब्जा किया गया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने पहले सरमथुरा के उपखंड अधिकारी को अवगत कराया था। उपखंड अधिकारी ने सात दिन में प्याऊ का पुनर्निर्माण कराने और अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार, आज तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि एक साल पहले भी ग्राम पंचायत की ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर अतिक्रमणकारियों को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिए गए थे। हालांकि, उन्होंने आज तक अस्थायी अतिक्रमण नहीं हटाया है।


