अजमेर रोड का हनुमाननगर वाटिका। यहीं पर 19 जुलाई 2021 को खतरनाक पिटबुल डॉग (प्रतिबंधित) मासूम बच्चे विशाल को नोच रहा था। चेहरा और कान चबा चुका था। बच्चे की चीखें खामोशी में बदल गईं। खून से सना, सांसे अटक गईं। छोटी बहन बचाने के लिए चीखती रही। मां आई और फिर दौड़ते आए भीमराज। कुत्ते को भगाया, बच्चे हॉस्पिटल ले गए दौड़े। नजदीक के हॉस्पिटल ने रेफर किया। फिर पहुंचे एसएमएस हाॅस्पिटल। एक सप्ताह में 20 सर्जरी हुईं। सिर फुटबाल-सा हो गया। विशाल बच गया, लेकिन उसे जिंदगीभर के निशान मिले। अभी हम उसी जगह पर हैं, जहां विशाल को कुत्ते ने नोचा था। भीमराज साथ हैं, बताते हैं- बच्चे का चेहरा-कान चबा गया कुत्ता। किसी ने नहीं सोचा था बच्चा बच जाएगा, लेकिन भगवान साथ है। मां रामवती और पिता जगदीश बोले- भीमराज जी ने बचाया, इलाज में भी मदद दी। एक कान हमेशा के लिए चला गया। डॉक्टरों का कहना है- आगे चलकर कुछ और सर्जरी होंगी।


