चपरासी भर्ती परीक्षा में दूसरे दिन भी एग्जाम सेंटर पर पूरी जांच के बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। जूते-चप्पल उतरवाए गए। हाफ बाजू शर्ट ही पहनने की अनुमति दी। कई अभ्यर्थियों को शर्ट उतारनी पड़ी। एक दो सेंटरों पर अभ्यर्थी बनियान में नजर आए। जींस पेंट पहने हुए को प्रवेश नहीं मिला। इसी तरह महिलाओं के कड़े, नाक की बाली सहित अन्य जेवर उतरवाकर ही प्रवेश दिया गया। रेलवे स्टेशन से एग्जाम सेंटर तक भीड़ रेलवे स्टेशन से लेकर बस स्टैंड और एग्जाम सेंटर के बाहर सबसे अधिक संख्या में जमावड़ा रहा। बाइक से बड़ी संख्या में परीक्षार्थी आए। महिला अभ्यर्थियों के साथ उनके परिजन भी पहुंचे। जिसके कारण एग्जाम के बाहर भी गहमागहमी रही। दूसरे दिन भी अलवर शहर में दो पारियों में परीक्षा है। करीब 40 हजार अभ्यर्थी रजिस्टर हैं। 30 हजार से अधिक के पहुंचने की संभावना है। पहले दिन की तरह परीक्षा में MA, BA-बीएड, B.Tech, एमटेक और बीएससी की डिग्री हासिल करने वाले अभ्यर्थी भी पहुंचे। शहर के अधिकांश कॉलेजों और स्कूलों में एग्जाम सेंटर बनाया गया है। अलवर में परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों ने क्या कहा- 1. अभ्यर्थी ने कहा कि कई परीक्षा दे चुका हूं। लेकिन सफलता नहीं मिली है। दूसरे अभ्यर्थी ने कहा कि पहले पुलिस भर्ती में सलेक्ट हो गया था। लेकिन आखिर में मेरिट में निकाल दिया गया। अब तक करीब 17 एग्जाम दे चुका हूं। लेकिन सरकारी नौकरी नहीं लग सकी है। 2. अलवर शहर से आए रविंद्र ने बताया कि अनेक भर्तियों में एग्जाम दे चुका हूं। लेकिन मेरिट अधिक जाने से रह गया। अबकी बार पद अधिक हैं और मेहनत भी की है। इसलिए उम्मीद है नौकरी लग जाए। स्कूलों का स्टाफ कर रहा मशक्कत चतुर्थ श्रेणी भर्ती में परीक्षा केंद्र का स्टाफ काफी मशक्कत करता दिखा है। परीक्षा केंद्र पर दो ही पुलिसकर्मी लगाए गए। जबकि पुलिस भर्ती में एक-एक सेंटर पर 8 से 10 पुलिसकर्मी तैनात थे। अभ्यर्थियों ने कहा कि पहले दिन की परीक्षा में आए सवाल न ज्यादा कठिन थे न सरल। अब दूसरे दिन पहली पारी के एग्जाम के बाद पता चलेगा।


