पश्चिमी सिंहभूम में सोनुआ रेलवे स्टेशन पर कुड़मी समाज के लोगों ने रेल रोको आंदोलन किया। सैकड़ों आंदोलनकारियों ने हावड़ा-मुंबई मुख्य रेलमार्ग को जाम कर दिया। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें हैं – कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करना, कुड़माली भाषा को आठवीं अनुसूची में जोड़ना और सरना धर्म कोड लागू करना। रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से वार्ता की। आंदोलनकारी अमित महतो ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो झारखंड से होने वाले सामानों का आयात-निर्यात रोक दिया जाएगा। इस आंदोलन में झारखंड, बंगाल और ओडिशा के लोग भी शामिल हुए। इधर, रेल रोको आंदोलन के कारण कई ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। हावड़ा-पुणे एक्सप्रेस, शालिमार-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, हावड़ा-रांची शताब्दी, रांची-देहरादून एक्सप्रेस, रांची-पटना एक्सप्रेस और टाटा-खड़गपुर पैसेंजर समेत 7 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। एलटीटीई-शालिमार कुर्ला एक्सप्रेस और हावड़ा गीतांजलि सुपरफास्ट को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जा रहा है। हटिया-पटना और टाटा-पटना बंदे भारत एक्सप्रेस को मुरी तक सीमित कर दिया गया है।


