बाड़मेर में आंगनबाड़ी सुपरवाइजर महिला की बेरहमी से हत्या करने के मामले में आरोपी ने चौंकाने वाले खुलासे किए है। आरोपी ने लाठी- सरिए से महिला की हत्या करने के बाद सबूत मिटाने का प्रयास किया। इसके घर में खून के धब्बों को भी साफ किया। आरोपी ने गूगल पर भी सबूतों को मिटाने के तरीके सर्च किए। जब पलंग से खून साफ नहीं हुआ तो उसकी निवार पर आग लगाकर सबूत मिटाने का प्रयास भी किया। दरअसल, शनिवार को आरोपी सरकारी टीचर मानाराम की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। हत्या को हादसे का रूप देना चाहता था
रीको थानाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि सरकारी टीचर मानाराम को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। हालांकि रिमांड के दौरान आरोपी ने पूछताछ कई खुलासे किए है। आरोपी ने बताया कि आरोपी उससे मिलने महिला सुपरवाइजर मुकेश कुमारी की हत्या को हादसे का रूप देना चाहता था। इसके लिए उसने महिला को कार में बैठाया और खुद ने कार चलाने की भी कोशिश की। लेकिन मानाराम को कार चलाना नहीं आती थी, ऐसे में 5 से 10 मीटर चलने के बाद गाड़ी झाड़ियों में जाकर फंस गई। इसके बाद उसने मृतका को ड्राइवर सीट पर बैठाया और खुद घर पर जाकर खून से सने पलंग की सफाई में लग गया। पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने पलंग (निवार) को जला दिया। घर में लगे खून के धब्बों को पानी से साफ किया। 2 बार रिमांड पर लेकर पूछताछ की
थानाधिकारी ने बताया कि आरोपी मानाराम को 16 सितंबर को पुलिस ने गिरफ्तार किया। 17 सितंबर को उसे कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे 2 दिन की पीसी रिमांड पर लिया गया। 19 सितंबर को फिर कोर्ट में पेश किया। एक दिन का पीसी रिमांड लेकर पूछताछ की और सबूत जुटाए गए। 20 सितंबर यानि आज शनिवार को दुबारा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। यह था मामला
बता दें कि 15 सितंबर को सरकारी टीचर मानाराम ने महिला सुपरवाइजर मुकेश कुमारी की अपने घर में लाठी व सरिए से हमला कर हत्या कर दी थी। 16 सितंबर की सुबह मृतका का शव उसकी अपनी ही कार में ड्राइवर सीट पर मिला था। पुलिस ने मामले में मानाराम को 17 सितंबर को गिरफ्तार किया था।


