जयपुर सेंट्रल जेल से दो बंदियों के दीवार फांदकर भागने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 13 नंबर बैरक में बंद नवल किशोर महावर और अनस कुमार सलाखों को काट कर रात के अंधेरे में बाहर निकले थे। करीब डेढ़ घंटे तक दोनों जेल के अंदर चक्कर लगाते रहे। इस दौरान सिक्योरिटी में तैनात जेल प्रहरी गहरी नींद में सो रहे थे। 18 फीट के प्लास्टिक पाइप की मदद से दोनों ने एक-एक कर जेल की 26 फीट ऊंची दीवार को फांदा। दोनों ने जयपुर सेंट्रल जेल के पास महिला जेल की दीवार से भी भागने का प्रयास किया, लेकिन कम्बल फटने से इनका पहला प्रयास फेल हो गया। दोनों शनिवार तड़के 3:30 बजे भागे थे। वहीं, मामले में डिप्टी जेलर रामचरण मीणा और सात जेल प्रहरी को निलंबित कर दिया गया है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। आरएसी के 3 जवानों को भी सस्पेंड किया है। एसीपी गांधी नगर नारायण बाजिया ने बताया- अनस की तलाश में टीम आरोपी के घर और अन्य जगहों पर सर्च कर रही थी। पुलिस ने अनस को शनिवार शाम 4 बजे गिरफ्तार कर लिया। उसके सिर पर चोट लगी थी। उसने बताया कि वह दीवार से कूदने के दौरान घायल हो गया था। वहीं, फरार दूसरे आरोपी नवल किशोर को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा। ड्यूटी में थे 18 जेल प्रहरी, जेल में थे 2100 बंदी-कैदी
जयपुर सेंट्रल जेल में मौजूदा समय में बंदी और कैदियों की संख्या 2100 से ज्यादा है। इन बंदियों और कैदियों को अलग-अलग वार्ड में रखा जाता है। शाम 7 बजे सभी बंदी और कैदियों को बैरक में डाल कर उनकी गिनती की जाती है। इसके बाद जेल में बंद कुल कैदियों और बंदियों की जानकारी जेल अधीक्षक को देकर सभी सेल को बंद कर दिया जाता है। जयपुर सेंट्रल जेल में 14 वार्ड हैं, जिनमें सभी वार्ड में एक जेल प्रहरी की ड्यूटी लगाई जाती है। वार्ड 10 में हार्डकोर अपराधी रहते हैं, इसलिए इस बैरक में 2 जेल प्रहरी की ड्यूटी लगाई जाती है। शुक्रवार रात करीब 15 से 18 का स्टाफ जेल में ड्यूटी दे रहा था। हैरानी की बात यह है कि इन दोनों बंदियों ने जेल में करीब डेढ़ घंटे तक मूवमेंट किया। किसी भी जेल प्रहरी की नींद नहीं खुली। सरिया काट कर निकले थे दोनों बंदी वार्ड 13 से बाहर
जेल प्रशासन की जांच में सामने आया है कि शुक्रवार शाम 7 बजे रोल कॉल के बाद सभी कैदियों और बंदियों को उनके बैरक में भेज कर लॉक कर दिया गया था। देर रात पहले से ही प्लान बनाकर बैठे दोनों बंदियों ने अंधेरे का फायदा उठा कर हवालात के सरिये काट दिए। इसके बाद सरियों को मोड़ कर बाहर निकलने की जगह बना ली। जांच में सामने आया कि रात करीब 2 बजे से दोनों बंदी अपने बैरक से निकलकर जेल परिसर में आ गए थे। डेढ़ घंटे बाहर निकलने के लिए सर्च करते रहे रास्ता
बैरक से बाहर आने के बाद दोनों बंदी जेल से निकलने के लिए रास्ता ढूंढते रहे। इस दौरान वह महिला जेल की तरफ भी गए, जहां दोनों बदमाशों ने कंबल का इस्तेमाल कर जेल की दीवार पार करने का प्रयास किया। लेकिन, कंबल के फटने से उनका पहला प्रयास फेल हो गया। करीब डेढ़ घंटे जेल परिसर में सर्च के बाद गार्डन में रखे पानी के पाइप को लेकर मुलाकात कक्ष के पास पहुंचे। मुलाकात कक्ष की दीवार से पाइप को फेंक कर 26 फीट ऊंची जेल की दीवार पार कर गए। सिर फूटा, पहुंचा घर
एक-एक कर दोनों बंदी ने एक दूसरे की मदद कर जेल की दीवार फांदी और बाहर निकल गए। इस दौरान दीवार से नीचे कूदते समय अनस नीचे गिर गया। इससे उसके सिर में चोट लगी। सिर से खून निकलने के दौरान वह कुछ समय तक तो मुख्य सड़क पर बैठा रहा। इसके बाद उसके दूसरे साथी ने सिर पर पट्टी बांध दी। अनस अपने घर मालपुरा गेट चला गया। जहां पर पीछा करके पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया। गहरी नींद में सो रहे थे जेल प्रहरी
घटना की जानकारी मिलने पर जेल अधिकारी मौके पर पहुंचे। जेल में लगे हुए सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को चेक किया तो उसमें जेल प्रहरी सोते हुए दिखाई दिए। इसके बाद डीजी जेल ने 7 जेल प्रहरियों के खिलाफ एक्शन लेते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया। इन सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। मुख्य प्रहरी रेखा लखेरा, प्रहरी अनिता जाजोरिया, प्रहरी मनोज कुमार मीणा, प्रहरी धर्मवीर गुर्जर, प्रहरी रतन सिंह राठौड़, प्रहरी मनोज वर्मा और प्रहरी माया जाट को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, आरएसी के तीन जवान सुभाष, अशोक कुमार और ताराचंद को सस्पेंड कर दिया गया है। यह खबर भी पढ़ें… जयपुर जेल से करंट वाले तारों को फांदकर भागे कैदी:रबर पाइप से 27 फीट की दीवार पर चढ़े; लॉरेंस ने इसी जेल से दिया था इंटरव्यू जयपुर की हाई सिक्योरिटी जेल से 2 कैदी दीवार फांदकर फरार हो गए। आरोपी रबर के पाइप से 27 फीट ऊंची दीवार पर चढ़े थे। फिर हाईटेंशन लाइन को क्रॉस कर बाहर कूद गए। घटना शनिवार (20 सितंबर) सुबह 3.30 बजे की है। एसीपी नारायण कुमार ने बताया कि फरार आरोपी नवल किशोर महावर और अनस कुमार चोरी के मामले में सजा काट रहे थे। (पूरी खबर पढ़ें)


