झारखंड में अब 1 एकड़ से कम क्षेत्रफल में बने तालाब का भी राज्य सरकार जीर्णोद्धार करेगी। इस संबंध में सोमवार को कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने अधिकारियों को निर्देश दिया। कहा है कि अगले वित्तीय वर्ष के लिए निजी तालाब के जीर्णोद्धार को लेकर प्रस्ताव बनाएं। मंत्री ने निर्देश दिया कि जीर्णोद्धार के दौरान तालाबों में एक तरफ से सीढ़ी का निर्माण भी कराया जाए। वर्तमान में कम से कम 1 एकड़ और अधिक से अधिक 5 एकड़ वाले निजी तालाब का ही सरकार जीर्णोद्धार करती है। ऐसे में बड़ी संख्या में किसानों के छोटे तालाबों का जीर्णोद्धार नहीं हो पा रहा है। छोटे तालाबों के जीर्णोद्धार से हजारों किसानों को होगा लाभ छोटे तालाबों के जीर्णोद्धार से राज्य के हजारों किसानों को लाभ होगा। जीर्णोद्धार के बाद तालाब की गहराई बढ़ने से उसमें सालों भर पानी रहेगा। इससे किसानों को पटवन में सुविधा होगी। तालाब के आसपास के क्षेत्र की जमीन का वाटर लेबल भी मेंटेन रहेगा। तालाब के घाट भी मजबूत हो जाएंगे। जीर्णोद्धार के दौरान एक ओर से सीढ़ी बन जाने से सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी अच्छा रहेगा। इससे उन किसानों को लाभ होगा जो अपने तालाब में मछली पालन भी करते हैं। सब्जियों की भी एमएसपी करें तय कृषि मंत्री ने सब्जियों की एमएसपी तय करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि फूल गोभी और पत्ता गोभी जैसी सब्जियों की कीमत दूसरे राज्य के व्यापारी यहां आकर कम कर रहे हैं। इसका खमियाजा स्थानीय किसानों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने आने वाले समय में विभाग को सब्जियों की एमएसपी तय करने की दिशा में काम करने की भी बात कही। अगले बजट की तैयारी में जुटें अधिकारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चालू वित्तीय वर्ष की राशि ससमय खर्च हो, इसका ध्यान रखा जाए। अगले वित्तीय वर्ष के बजट की तैयारी में सभी अपेक्षित अधिकारी जुट जाएं। जैविक खेती को लेकर दी गई जानकारी पर मंत्री ने आश्चर्य प्रकट करते हुए कहा कि इसके बारे में कितने लोग जानते हैं। पैकेजिंग, शॉर्टिंग और ग्रेडिंग को लेकर मंत्री ने जेएसएलपीएस के पलाश ब्रांड का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जब दूसरे विभाग द्वारा यह किया जा सकता है तो यहां क्यों नहीं। उद्यान विभाग द्वारा 27 एकड़ में बनाए जाने वाले हाई टेक नर्सरी में 2-3 हजार ग्रामीणों को रोजगार देने का भी निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि राज्य के लोग रोजगार के लिए दूसरी जगह पलायन कर रहे हैं, ऐसे में हाई टेक नर्सरी में उनके रोजगार को सुनिश्चित कर पलायन रोका जा सकता है। मंत्री ने कहा- अधिकारी अगले वित्तीय वर्ष के लिए निजी तालाब के जीर्णोद्धार को लेकर प्रस्ताव बनाएं वहीं, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कृषि भवन का औचक निरीक्षण किया और अधिकारियों व कर्मचारियों के छुट्टी पर रहने से नाराज दिखीं। मंत्री ने कहा कि विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को कार्य संस्कृति बदलनी होगी। क्रिसमस, नया साल या फिर अन्य पर्व-त्योहार मनाना जरूरी है। लेकिन इसका काम पर असर नहीं पड़े, इसका ध्यान भी रखना चाहिए। आज जब मैं यहां पहुंची हूं तो 50 प्रतिशत कर्मी और अधिकारी 15 से 20 दिन के अवकाश पर हैं। ऐसे में कैसे काम होगा। झारखंड में पहले से ही सरकारी कर्मचारियों की कार्य संस्कृति गड़बड़ रही है। इसमें सुधार जरूरी है। ऐसा कर विभाग की योजनाएं समय पर पूरी की जा सकती हैं।


