किसानों ने जिले में 12 जगह सड़कों पर लगाया धरना, टांडा और दसूहा में 4 बजे नेशनल हाईवे किया खाली

भास्कर न्यूज | होशियारपुर एसकेएम की पंजाब बंद की कॉल जिले में सफल रही। सुबह दुकानदारों ने बंद की हिमायत में दुकानें नहीं खोली। 8 बजे के बाद होशियारपुर को आने वाली सभी बड़ी सड़कों पर किसानों ने ट्रॉलियां लगाकर धरना लगा दिया जो बाद दोपहर 4 बजे तक जारी रहा। बंद में किसी एबुलेंस का रास्ता नहीं रोका गया। दूसरी तरफ नौजवान किसानों की तरफ से होशियारपुर शहर में कुछ दुकानदारों को अपील कर दुकानें बंद भी करवाई जिन्होंने दुकानें खोली हुई थी। इस तरह शांतिपूर्ण तरीके से बंद समाप्त हो गया। होशियारपुर शहर को आने वाली सड़कों पर टांडा चौक, बजवाड़ा चौक, चंडीगढ़ चौक, फगवाड़ा चौक और जालंधर रोड पर किसानों ने धरने लगाकर रखे। बंद के दौरान बड़ी गाड़ियों के चालकों ने तो गाड़ियों साइड पर लगा लीं लेकिन सुबह के समय कुछ बसें बंद में फंसी जिनमें सवार लोग पैदल शहर की तरफ आए। सुबह 9 बजे के लगभग अमृतसर से आने वाली पंजाब रोडवेज की बस पहले लाचोवाल अड्डे में धरने के कारण रुक गई लेकिन वहां पर धरनाकारियों ने एक लिंक सड़क से बस को होशियारपुर की तरफ जाने दिया। इसके बाद यही बस होशियारपुर शहर के बिलकुल बाहर टांडा चौक में धरने पर रोक ली गई और फिर यहां से सवारियां पैदल होशियारपुर शहर के अंदर आईं। इनमें हिमाचल के रामजीत ने बताया कि उनकी बस को मडियाला में रोका गया। करीब 2 घंटे में करीब 12 किलोमीटर पैदल चलने के बाद वह होशियारपुर बस अड्डे पहुंचे। इस तरह दर्जनों लोगों को पैदल यात्रा करनी पड़ी। इस दौरान होशियारपुर में तैनात तहसीलदार कुलवंत सिंह सिद्धू को मडियाला में किसानों ने रोक लिया। उन्होंने किसानों को अपील की कि वह भी किसान के बेटे हैं। उन्होंने सिर्फ दफ्तर में बैठना है, कोई काम नहीं करना। उसके बाद किसानों ने उनकी गाड़ी को जाने दिया। बंद के कारण लोग अपने घरों से काम करवाने के लिए नहीं निकले। इस कारण पूरा दिन सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा। कुछ अधिकारी अपनी पेडिंग फाइलों पर काम करते दिखाई दिए। मिनी सचिवालय में बड़ी कम गिनती में मुलाजिम काम पर नहीं पहुंच सके। वहीं, एडीसी राहुल चाबा पूरा दिन अपने दफ्तर में मौजूद रहे। डीसी दफ्तर और एसएसपी दफ्तर जहां आम दिनों के दौरान लोगों की लाइनें लगी रहती है वहा कोई नहीं पहुंचा। सचिवालय में स्थित जिले के मुख्य सेवा केंद्र में भी लोग नहीं पहुंचे, जहां रोजाना 300 से ज्यादा लोग काम करवाने आते हैं, वहां महज 19 लोग ही काम करवाने पहुंचे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *