भरतपुर के मोती महल पर पूर्व राजपरिवार के सदस्य विश्वेन्द्र सिंह और अनिरुद्ध सिंह की सहमति के बाद तिरंगा झंडा लगा दिया गया है। तिरंगा झंडा लगने के बाद भी जो समाज के लोग मोती महल पर रियासतकालीन झंडा लगाने का दावा का कर रहे थे वह भी बैक फुट पर आ गए हैं। बॉर्डर इलाकों में रहेगी नाकाबंदी उसके बाद भी पुलिस कोई लापरवाही बरतना नहीं चाहती। इसलिए शहर के अमेरिकन गेट, मेहंदी बाग, मोती महल के प्रवेश गेट, मोती महल के सदर गेट, मदरपुर रोड़ स्थित मोती महल के पिछला गेट, पुलिस का जाब्ता तैनात किया गया है। इसके अलावा दो अरेस्ट पार्टी तैनात की गई है। साथ ही कंजौली लाइन डीग रोड़ पर नाकाबंदी, मथुरा रोड़ रेलवे पुलिया से पहले नाकाबंदी, उच्चैन तिराहे पर नाकाबंदी, चिकसाना थाने के पास नाकाबंदी, ऊंचा नगला बॉर्डर पर नाकाबंदी, MSJ कॉलेज पर नाकाबंदी, द बाग होटल के पास नाकाबंदी, सारस चौराहे पर नाकाबंदी, मडरपुर चौराहे पर नाकाबंदी सहित सादा कपड़ों में पुलिस तैनात की गई है। मोबाइल पार्टियां तैनात की गई हैं। हर आने जाने वाले वाहन होंगे चेक एसपी दिगंत आनंद ने देर रात यह आर्डर जारी किए। सुरक्षा की दृष्टि से 1 STF की कंपनी, 6 धौलपुर RAC की बटालियन, 3 प्लाटून कंपनी 14 बटालियन पहाड़ी, धौलपुर, डीग, सवाईमाधोपुर, भरतपुर पुलिस के 2 सौ जवान तैनात रहेंगे। इसके अलावा 1 IPS, 8 RPS, 10 इंस्पेक्टर, 10 सब इंस्पेक्टर को भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात किया गया है। भरतपुर में हर आने जाने वाले वाहनों की चेकिंग की जाएगी। रियासतकालीन झंडा लगाने का दावा करने वाले लोग आये बैकफुट तिरंगा झंडा लगने के बाद समाज के जो लोग 19 सितंबर तक मोती महल पर झंडा लगाने और पंचायत का दावा कर रहे थे। वह कल बैक फुट पर आ गए। संतोष फौजदार और दिनेश सिनसिनी के नेतृत्व में पंचायतों का आयोजन किया जा रहा था। कल उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि हमें रियासतकालीन झंडा लगाने के लिए कोई भी रियासतकालीन बिल्डिंग नहीं मिल रही है। क्योंकि मोती महल के मालिक पूर्व राजपरिवार के सदस्य विश्वेन्द्र सिंह हैं इसलिए उनकी बिना अनुमति के हम मोती महल में प्रवेश नहीं कर सकते।


