जिला मुख्यालय स्थित बहीर क्षेत्र में शुक्रवार की रात असामाजिक लोगों ने एक कारखाने में घुसकर तोड़फोड़ की। इससे गुस्साए लोगों का शनिवार दोपहर को गुस्सा फूट पड़ा। पीड़ित परिवार, माली समाज, बीजेपी कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने घंटाघर पहुंच कर प्रदर्शन किया और बेरीकेड्स लगाकर जाम लगा दिया। लोग करीब डेढ़ बजे वहीं धरने पर बैठ गए। हालांकि शाम करीब साढ़े चार बजे ADM रामरतन सौकरिया, SDM हुकमचंद रोलानिया धरना स्थल पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने तीन प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन दिया। इसमें बहीर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने, मुआवजा दिलाने और कारखाने में व बाइकों में की गई तोड़फोड़ के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग रखी। इस पर SDM ने आश्वस्त किया कि 7 दिन में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हो जाएगी। मंगलवार तक मुआवजे के प्रस्ताव भिजवा दिए जाएंगे। आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करवाई जाएगी। इसके बाद सर्वसम्मति से धरना खत्म कर दिया गया। इससे पूर्व धरने में बीजेपी जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान, पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया, पूर्व नगर परिषद चेयरमैन लक्ष्मी जैन, गणेश माहिर आदि भी धरना स्थल पर आकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। प्रमुख मांग आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित कारखाना मालिक को नुकसान का मुआवजा देने की रही। इनके अलावा एक किन्नर ने भी पीड़ित ने नारेबाजी की और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की। कारखाने में नुकसान का जायजा लिया टोंक शहर के बहिर में सोशल मीडिया टिप्पणी को लेकर फैली अफवाह के बाद एक कशीदा कारखाने अज्ञात लोगों द्वारा की गई तोड़फोड़ से हुए नुकसान को लेकर आज सुबह करीब 10:30 बजे भाजपा जिलाध्यक्ष चन्द्रवीर सिंह चौहान और पूर्व विधायक अजित सिंह मेहता ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। इस दौरान इन्होंने कहा कि इस कारखाने में भीड़ द्वारा की गई तोड़फोड़ और शहर का माहौल बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं पुलिस का कहना है कि अभी तक हमें ऐसी कोई पोस्ट नहीं मिली है, जिसमें किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हो। कोतवाल भंवर लाल वैष्णव ने बताया कि इस मामले को लेकर दोनों पक्षों की और से कोतवाली में अज्ञात जनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।


