सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा कस्बे में खराब सफाई व्यवस्था को लेकर पिछले कई दिनों से लगातार लोगों में नाराजगी है। जिसके बाद शनिवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। यहां नाराज ग्रामीणों ने व्यापार मंडल और पूर्व सफाई कर्मचारियों के साथ हंगामा करते हुए मुख्य बाजार में जाम लगा दिया। साथ ही जमकर नारेबाजी की गई और चौथ का बरवाड़ा सरपंच का पुतला भी जलाया। इस दौरान विकास अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों ने नाराज लोगों को 3 घंटे तक समझाया। इसके बाद 5 दिन के अंदर सफाई व्यवस्था बेहतर होने की बात कहने के बाद नाराज लोग मन तथा जाम को खोला। डेढ़ महीने से ठेके पर सफाई, व्यवस्था बिगड़ी ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के निर्देशों पर डेढ़ महीने पहले सफाई की व्यवस्था ठेके में दे दी गई है। इसे लेकर पूर्व में कार्य कर रहे सफाई कर्मचारियों ने इसका विरोध किया था और ठेके में काम नहीं करने का निर्णय भी लिया था। इसके बाद चौथ का बरवाड़ा में ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा सफाई का कार्य किया जा रहा था। इसे लेकर लोग बिल्कुल भी संतुष्ट नजर नहीं आए। कर्मचारियों की कमी, पड़े थे कचरे के ढेर ग्रामीणों का कहना था कि ठेकेदार के पास कर्मचारियों की कमी होने के कारण सभी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं हो रही है तथा कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इसे लेकर पिछले कई दिनों से लोगों में नाराजगी देखी जा रही थी। शनिवार को इस मामले को लेकर व्यापार मंडल के नेतृत्व में लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। व्यापार मंडल के लोगों ने दुकान बंद कर मुख्य बाजार में जाम लगा दिया। इस दौरान पूर्व में कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों ने भी ग्रामीणों के साथ जमकर नारेबाजी की। तीन घंटे बाद मानें ग्रामीण, पांच दिन का अल्टीमेटम विकास अधिकारी इंद्रराज मीणा, प्रधान संपत पहाड़िया, तहसीलदार भगवती लाल जैन और सरपंच सीता सैनी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया। करीब तीन घंटे की समझाइश के बाद अधिकारियों ने कहा कि पांच दिन में सफाई व्यवस्था सुधार दी जाएगी और कर्मचारियों को बढ़ा दिया जाएगा। इसके बाद लोगों ने जाम खोला, लेकिन चेतावनी दी कि वादा पूरा नहीं हुआ तो आंदोलन फिर शुरू करेंगे।


