किसानों के इंश्योरेंस में गड़बड़ी में सहकारिता विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने इंश्योरेंस करने वाले एपेक्स बैंक राजस्थान कॉपरेटिव बैंक लिमिटेड के जीएम पीके नाग को सस्पेंड कर दिया है। किसानों के इंश्योरेंस में करोड़ों की गड़बड़ी का मामला भास्कर ने उजागर किया था। कमेटी ने रिपोर्ट में माना कि योजना में 2023-24 के टेंडर में इंश्योरेंस कम्पनी ने तथ्य को छिपाकर 54 करोड़ लिए थे। टेंडर के वक्त भी नाग बैंक के जीएम थे। मामले में विभाग ने इंश्योरेंस करने वाली कम्पनी श्रीराम फाइनेंस पर भी सख्ती दिखाई है। कम्पनी ने जीएसटी के नाम पर जो 54 करोड़ रुपए सरकार से लिए उन्हें रिकवर करने के भी आदेश जारी किए गए हैं। भास्कर के खुलासे के बाद यह सामने आया था कि कम्पनी ने 2 लाख से कम के लोन इंश्योरेंस पर भी जीएसटी वसूला जबकि 2 लाख से कम के लोन पर जीएसटी लगता नहीं है। वित्त अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सहकारिता मंत्री गौतम दक का कहना है जीएम को सस्पेंड किया गया है। कम्पनी से जीएसटी के बारे में पूछा जाएगा, पैसा रिकवर होगा और ऐसा नहीं होता है तो एफआईआर कराई जाएगी। नाग के बैंक में रहते कम्पनी ने 2018-19 में नहीं लिया था GST
तफ्तीश में आया कि 2018-19 में जीएसटी आने के बाद जब पहली बार इंश्योरेंस किया गया था तब नियमों को ध्यान में रखते हुए 2 लाख से कम के लोन इंश्योरेंस पर जीएसटी नहीं वसूला गया था। तब पीके नाग एपेक्स बैंक का हिस्सा थे। 2023-24 के टैंडर में कम्पनी को जीएसटी के नाम पर करोड़ों रुपए दिए गए।


