भास्कर न्यूज | चतरा समाहरणालय सभा कक्ष में उपायुक्त कीर्तिश्री जी की अध्यक्षता में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर नियंत्रण को लेकर जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक हुई । बैठक में अंचलवार और कार्यालयवार की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई।जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि मयूरहण्ड, कुन्दा, ईटखोरी और कान्हाचट्टी अंचलों से कैटेगरी-1 बालूघाटों एवं नदीघाटों का नक्शा और विवरण उपलब्ध कराया गया है, जबकि टंडवा, सिमरिया और लावालौंग से प्रतिवेदन अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए सभी अंचल अधिकारियों को तत्काल प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। अगस्त में अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई की समीक्षा के दौरान चतरा, ईटखोरी, कान्हाचट्टी, कुन्दा, लावालौंग और सिमरिया अंचलों में प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर उपायुक्त ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने सभी अंचल अधिकारी व थाना प्रभारी को सक्रिय औचक छापामारी अभियान चलाने का निर्देश दिया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सरकारी योजनाओं में लघु खनिजों की आपूर्ति केवल वैध ई-परिवहन चालान से ही की जाएगी, ताकि अवैध खनन व परिवहन पर रोक लगे और राजस्व संग्रह बढ़ाया जा सके। जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में अगस्त तक 73 वाहन जप्त कर 40 प्राथमिकी दर्ज की गई थी तथा 12 लाख 13 हजार 532 की दंड राशि वसूल की गई। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अगस्त तक 95 वाहन जप्त हुए, 39 प्राथमिकी दर्ज की गई और 105 वाहनों से 18 लाख 98 हजार 730 की दंड राशि वसूल की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल, वन प्रमंडल पदाधिकारी राहुल मीणा, अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी चतरा व सिमरिया, जिला खनन पदाधिकारी मनोज टोप्पो, सभी अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी और कोल परियोजनाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक के अंत में उपायुक्त ने कहा कि अवैध खनन पर पूरी तरह अंकुश लगाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कड़ी निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आह्वान किया।


