नेताजी की ‘पार्ट-टाइम’ चोरी:RSSB अध्यक्ष ने ‘मुन्नाभाई-मुन्नीबहनों’ को दी चेतावनी; पूर्व CM को पसंद नहीं मुख्य निर्वाचन आयुक्त की ‘एक्टिंग’

नमस्कार वोट चोरी के हो-हल्ले के बीच सूबे के पूर्व मुखिया ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को खूब लपेटा। उन पर ‘एक्टिंग’ करने के आरोप लगा दिए। राजस्थान में चपरासी भर्ती को लेकर RSSB अध्यक्ष ने ‘मुन्ना भाइयों’ के साथ ‘मुन्नी बहनों’ को भी चेतावनी दे डाली। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी पढ़िए… 1. पूर्व मुखिया ने कहा-चुनाव आयुक्त करते ‘एक्टिंग’! देश में विपक्ष के नेताजी पूरा जोर लगाए हुए हैं। दाढ़ी बढ़ाकर यात्राएं की। पाना-पेचकस लेकर मोटरसाइकिलों के इंजन कसे। खेतों में जाकर देगची में मिर्च-मसाला डाला। लेकिन हाय री किस्मत। चुनाव के वक्त कोई मसाला काम नहीं आता। नतीजा वही। विपक्ष के नेताजी ने EVM को भी खूब कोस लिया, लेकिन बात फिर भी नहीं बनी। अब वोट की ही चोरी का हो-हल्ला है। इस हवन में देशभर के उनके नेता घी डाले जा रहे हैं। राजस्थान के पूर्व मुखियाजी क्यों ही पीछे रहते। उन्होंने निर्वाचन आयुक्त महोदय को ही लपेट लिया। बोले- मीडिया से बात करते वक्त लगता है एक्टिंग कर रहे हैं। लोकतंत्र खतरे में है। सरकार के प्रतिनिधि बने हुए हैं। स्पीक पर्सन की तरह बात करते हैं। अब सवाल निर्वाचन प्रक्रिया पर उठेगा तो जवाब देंगे ही। लेकिन पूर्व सीएम साहब भी तीर पर तीर मारे जा रहे हैं। ऐसे में पुराने वाले निर्वाचन आयुक्त याद आ गए। वे कविताओं से पलटवार करते थे। एक बार कहा था-अधूरी हसरतों का इल्जाम…हर बार हम पर लगाना ठीक नहीं। 2. मुंबई में करोड़ों की चोरी हुई, नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष पकड़े गए राजनीति बड़ा महंगा शौक है। जो करे वो जानता है। लोगों को चाय पिलाने का खर्च भी लाखों में आ जाता है। किसी को कैसे खुश करना होता है, किसी को कैसे? बड़े नेताओं के पास तो फिर भी जुगाड़ होता है। एक बार नेतागिरी चमकाकर वे कोई न कोई पैंतरा बैठा ही लेते हैं। पीढ़ियों का इंतजाम कर लेते हैं, लेकिन युवा नेता क्या करें? ऐसे ही युवा नेता पाली के खुडाला फालना नगरपालिका के नेता प्रतिपक्ष हैं। उनके सीनियर नेता वोट चोरी पर हाय-तौबा मचाए हुए हैं और ये महाशय खुद चोरी के केस में लपेटे गए। मुंबई में चोरी हुई थी। 3 लाख कैश और करीब 4 करोड़ के जेवर उड़ा लिए गए। पुलिस जांच में जुटी तो नेताजी भी धर लिए गए। पुलिस ने दबोचकर घुटनों पर ला दिया। सोने चांदी के गहनों का ढेर लग गया। चांदी के बर्तन भी निकले। उड़ाए गए सारे माल की सजावट कर पुलिस ने ‘दिखावा’ सा कर दिया। पत्रकारों ने देखा कि 2 उचक्कों के साथ नेताजी भी बैठकर फोटो खिंचा रहे हैं। लोगों में चर्चा है। नेताजी क्या ही करें। एक तो विपक्ष में, दूसरे महंगाई की मार। अब पार्ट टाइम के लिए कुछ न कुछ तो करना ही था। 3. कर्मचारी चयन बोर्ड अध्यक्ष की चेतावनी- मुन्नाभाई-मुन्नीबहन सावधान.. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के मुखियाजी का अलग ही अंदाज है। मेजर जनरल के पद से रिटायर हैं। बात कहने का अंदाज बिल्कुल जुदा है। हंसी-हंसी में खरी बात कह जाते हैं। कई भर्तियों में डमी वाले अभ्यर्थियों ने खूब गर्दा उड़ाया। पुलिस हैरान। ईमानदारी से तैयारी करने वाले परेशान। नेतागणों की नींद हराम। अब चपरासी वाली परीक्षा में भीड़ उमड़ी। अच्छी-अच्छी डिग्रियां जिनके घरों में फ्रेम होकर दीवार पर टंगी हैं, वे भी लाइन में लगे। अब इस भर्ती में कोई घपला न हो, इसके लिए जी-जेवड़ी एक कर पुख्ता इंतजाम किए गए। बोर्ड के मुखिया ने डमी वालों को चेतावनी दी। कहा-हमने 25 लाख के फॉर्म खंगाले हैं। इनमें से 1700 के नाम और फोटो एक से ज्यादा जगह मैच कर रहे हैं। अगर ये सच में मुन्ना भाई या मुन्नी बहनें हैं तो सावधान रहना जी। बोर्ड के मुखियाजी सोशल मीडिया पर सवाल पूछने वालों को भी निराश नहीं करते। जैसा सवाल, वैसा जवाब। एक भाई ने गुजारिश की- सर कनिष्ठ अनुदेशक का रिजल्ट खींच के पटक दो। आपके आशीर्वाद से शादी का जुगाड़ हो जाएगा। वरना मंगेतर रिश्ता तोड़ देगी। साहब का जवाब भी पढ़िए। लिखा- रिजल्ट तो हम पटक ही देंगे। लेकिन अगर आपकी मंगेतर नौकरी की वजह से शादी कर रही है तो अच्छा होगा पीछा छुड़ा लो, बाद में किसी और वजह से छोड़ सकती है। 4. चलते-चलते.. 5 रुपए के गुटखे में 5 लाख का केसर भरा है? क्या अभिनेताओं को यह शोभा देता है कि सेहत को नुकसान पहुंचाने वाली चीजों का विज्ञापन करते फिरें? उनकी फिल्म शुरू होने से पहले परदे पर तंबाकू से होने वाली खतरनाक बीमारियों का हवाला देकर चेताया जाता है। सारा खेल माल का है। माल फेंको, ये कुछ भी करने को तैयार। आम जनता नकल कर मर रही हो, इनकी बला से। लेकिन क्या सारे सितारे अंदर से खोखले हैं? नहीं। कुछ-कुछ सही में स्टार हैं। असली हीरो। कोरोना में दिल खोलकर लोगों की मदद करने वाले अभिनेता जोधपुर में सड़क से गुजरे। देखा, रास्ते में ट्रैक्टर खड़ा करके एक किसान मिर्ची बेच रहा है। गाड़ी रुकवाई। किसान के पास पहुंचे। मिर्ची का भाव पूछा। खुद मिर्च खाते नहीं, फिर भी खरीदी। फ्री में किसान का प्रमोशन कर दिया। किसान गदगद, लेकिन मुंह में जर्दा भरा। अभिनेता ने ताड़ लिया। उसी वक्त फटकार लगाई। बोले- गुटखा खाते हो? थूको इसे। वादा करो कि कभी नहीं खाओगे। किसान ने भी वादा कर दिया। एक ये हैं, और एक वो हीरो। जो शान से पान मसालों का विज्ञापन करते हैं। लाखों लाख युवा उन्हें फॉलो करते हैं। सच्चा हीरो वही जो जीवन में भी हीरोगिरी दिखाए। सैल्यूट सोनू सूद। वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब मंगलवार को मुलाकात होगी…

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