राजस्थान के दक्षिणी जिलों में मानसून सक्रिय है। मौसम विशेषज्ञों ने दो दिन (रविवार-सोमवार) चित्तौड़गढ़, राजसमंद, सिरोही, उदयपुर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। उदयपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ समेत कुछ जिलों में शनिवार दोपहर बाद घने बादल छाए और कई जगह बारिश हुई। इधर, पश्चिमी जिलों में मौसम साफ रहा और तेज धूप निकली। जयपुर, भरतपुर संभाग के जिलों में दोपहर में आंशिक बादल छाए और कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी हुई। सवाई माधोपुर में बनास नदी का जलस्तर बढ़ने, बीसलपुर और ईसरदा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद बरवाड़ा से शिवाड़ सड़क मार्ग पिछले करीब 2 महीने से बंद है। बीच में दो-चार जरूर कुछ पानी कम हुआ था तो आवाजाही शुरू हुई थी। चौथ का बरवाड़ा से शिवाड़ जाने के लिए बनास नदी पार करनी पड़ती है। बनास नदी में आवागमन के लिए 2 जगह रपट बनी हुई है। मार्ग बंद होने के कारण 25 किलोमीटर की बजाए 70 किलोमीटर का चक्कर काटकर वाया टोंक होकर शिवाड़ जाना पड़ रहा है। कुछ दिन के लिए बारिश का दौर थमने के चलते बनास की ऐचेर रपट पर ग्रामीणों के सहयोग से आवागमन शुरू हुआ था, लेकिन एक बार फिर से अब यह रास्ता बंद हो गया है। चित्तौड़गढ़ के बड़ी सादड़ी में 74MM बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बरसात चित्तौड़गढ़ के बड़ी सादड़ी में 74MM बारिश हुई। चित्तौड़गढ़ के ही निम्बाहेड़ा में 60MM, डूंगरपुर के सागवाड़ा में 19, डूंगरपुर शहर में 18, प्रतापगढ़ के छोटी सादड़ी में 17, उदयपुर के वल्लभनगर में 45, खेरवाड़ा में 26, लसाड़िया में 14, ऋभषदेव में 6, टोंक के निवाई में 6, टोंक शहर में 4, जयपुर के फागी में 4, अजमेर के रायपुर में 13, पुष्कर में 18 और अजमेर शहर में 15MM बरसात दर्ज हुई। अब 24 सितंबर से प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई है।


