भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ज्योति मिर्धा ने नागौर पहुंचकर जैन धर्म गुरु पद्मश्री विजय नित्यानंद सूरीश्वर महाराज से मुलाकात की। डॉ. ज्योति मिर्धा ने सुरीश्वर महाराज को धोक लगाई और नागौर में चातुर्मास के आयोजन को स्थानीय लोगों का सौभाग्य बताया। डॉ. मिर्धा के जैन भवन पहुंचने पर जैन समाज के अशोक चोरड़िया, अभय समदड़िया और स्वदेश बांठिया समेत समाज के लोगों ने स्वागत किया। डॉ. मिर्धा ने विजय नित्यानंद महाराज को बताया कि नागौर को धर्मनगरी कहा जाता है, क्योंकि यहां के लोगों का आध्यात्म और धर्म से गहरा जुड़ाव है। विजय नित्यानंद महाराज ने कहा कि नागौर में 31 साल बाद चातुर्मास का आयोजन किया जा रहा है। चातुर्मास के दौरान रोजाना सत्संग का आयोजन किया जा रहा है। बीच में क्षमापणा, मकर संक्रांति, पर्यूषण पर्व समेत विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले कुचेरा में चातुर्मास हुआ था, उस समय तत्कालीन सांसद नाथूराम मिर्धा भी कई बार चातुर्मास में पहुंचे थे। जैन समाज के लोगों ने समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की जिम्मेदारी उठाई है। नागौर में भी निशुल्क सेवा के कई प्रकल्प स्थापित करने की योजना है। गौरतलब है कि नाथूराम मिर्धा, डॉ. ज्योति मिर्धा के बाबा थे। इसके बाद डॉ. ज्योति मिर्धा समर्थकों के साथ बख्तसागर तालाब के पास स्थित बगीची में महंत जानकीदास महाराज से मुलाकात की। यहां पर सभी जनप्रतिनिधियों ने बगीची के धूणे पर धोक लगाई। महंत जानकीदास महाराज ने आमजन की समस्याओं के बारे में अवगत करवाया। डॉ. ज्योति मिर्धा ने बगीची में आए श्रद्धालुओं से भी मुलाकात की। इस दौरान खींवसर प्रशासक संघ अध्यक्ष जगदीश बिड़ियासर, जिपस ओमप्रकाश सैन, पूर्व चेयरमैन विक्की सदावत, जोगेंद्र खिलेरी, सुभाष सैन आदि मौजूद थे।


