मुरैना के जौरा से कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने मंच से सरकार को चेतावनी दी है कि कैलारस शक्कर कारखाने का कब्जा लेकर दिखा दे, हमारी मां ने दूध पिलाया है तो हम रोकेंगे और सरकार को उसकी मां का दूध याद दिला देंगे। इतना ही नहीं विधायक ने ये भी कहा कि चंबल का इतिहास बागपन का (बागी वाला) है, हमारे हथियार अभी भी घर पर रखे हैं। पंकज उपाध्याय ने आरोप लगाया कि शक्कर कारखाना की 300 बीघा जमीन एमएसएमई को सौंप दी गई है। बता दें कि कैलारस शक्कर कारखाने को बंद करने के सरकार के फैसले के खिलाफ रविवार को मुरैना के जीवाजी गंज में संयुक्त किसान मोर्चा और कांग्रेस ने मिलकर किसान मजदूर महापंचायत का आयोजन किया। इसमें किसान नेता राकेश टिकैत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत कई नेता शामिल हुए। जीतू पटवारी बोले- आदिवासियों की जमीन वापस दिलाएंगे
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- हमारे नेता पंकज उपाध्याय ने कहा कब्जा लेने आओ खून की नदियां बह जाएंगी। उस खून में हमारा भी खून शामिल करेंगे। हम आपके साथ हैं। जब 2028 में मैंने कहा किसानों की सरकार मप्र में बनेगी। तब मैं वचन देता हूं कांग्रेस पार्टी किसानों का साथ देगी। पटवारी ने कहा कि 1 लाख 40 हजार आदिवासियों की जमीन भाजपा, अडानी, अंबानी जी और अलग-अलग उद्योगपतियों ने ले ली। हम इसकी पूरी समीक्षा करेंगे। हमारी सरकार जैसे ही बनेगी। आदिवासियों की जमीन जिन उद्योगपतियों, बीजेपी मंत्रियों-विधायकों चाहे किसी ने भी, कांग्रेस के नेताओं ने भी ली होगी तो हम उसकी समीक्षा करके वापस किसानों, आदिवासियों को दिलाएंगे। 2008 में अस्थाई रूप से बंद, 2011 के बाद ताला नहीं खुला ये भी पढ़ें.. 1500 रोजगार खत्म, 100 मौतें…शुगर मिल बंद ही रहेगी: मंत्री बोले-चालू कराएंगे, सरकार बेचने की तैयारी में दरअसल, हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में शक्कर कारखाने की जमीन को एमएसएमई (माइक्रो, स्मॉल और मीडियम इंटरप्राइजेज) को सौंपे जाने की मंजूरी दी गई है। जिसके बाद ये बहस छिड़ गई कि शक्कर कारखाना फिर से शुरू होगा या नहीं। दैनिक भास्कर की टीम कैलारस पहुंची, कारखाने के शुरू होने की उम्मीद बांधे बैठे लोगों से बात की, उन परिवारों तक भी पहुंचा, जिन्होंने आर्थिक हालत खराब होने के चलते परिवार के मुखिया को खो दिया, पूरी खबर पढ़ें..


