राज्य सरकार ने तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है। लेकिन शिक्षा विभाग को इस आदेश से अलग रखा गया है। राज्यभर में करीब 90 हजार तृतीय श्रेणी शिक्षक पिछले छह साल से ट्रांसफर का इंतजार कर रहे हैं। बोर्ड परीक्षा खत्म होने के बाद नए सत्र में टीचर्स ट्रांसफर की उम्मीद की जा रही है। प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग ने मंगलवार को आदेश जारी करके एक जनवरी से 10 जनवरी तक ट्रांसफर से रोक हटा दी है। इसी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्कूली शिक्षा विभाग सहित उच्च शिक्षा, कॉलेज शिक्षा विभाग व तकनीकी शिक्षा विभाग में तबादले नहीं होंगे। राज्य में सबसे ज्यादा कर्मचारियों वाले शिक्षा विभाग में ट्रांसफर नहीं होने से सबसे बड़ा झटका तृतीय श्रेणी के टीचर्स को लगा है। इन टीचर्स के ट्रांसफर एक बार फिर टल गए हैं। पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार ने एक भी ग्रेड थर्ड टीचर का ट्रांसफर नहीं किया था। तत्कालीन शिक्षा मंत्री गोविन्द डोटासरा ने तबादलों के ग्रेड थर्ड टीचर्स से आवेदन मांगे तब 85 हजार टीचर्स ने आवेदन किया था। बाद में इन आवेदनों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिक्षा मंत्री डोटासरा हट गए और डॉ.बीडी कल्ला को शिक्षा मंत्री बना दिया गया। लेकिन किसी ग्रेड थर्ड टीचर का ट्रांसफर नहीं हुआ। भाजपा सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया है लेकिन ट्रांसफर फिर भी नहीं हो रहे।


