अंबामाता थाना पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग (सट्टा) एप के जरिए ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 4.80 लाख रुपए, 10 मोबाइल, 4 सिम, 20 डेबिट व एक क्रेडिट कार्ड, 3-3 चेक बुक व पासबुक, 2 स्टांप सील और एक कार बरामद की। आरोपी अपने शिकारों को बैंक में खाता खुलवाने का झांसा देकर दस्तावेज मंगवाते। इनके बीओबी और एसबीआई में चालू खाते खुलवाते। फिर टेलीग्राम ग्रुप पर लोगों को जोड़कर गेमिंग एप पर खेलने और पैसे जीतने का लालच देते। फिर गेम खेलाने के नाम पर फर्जी खातों में पैसे मंगवा लेते है। गिरोह का सरगना खातों से यह रकम निकाल लेता और कुछ हिस्सा इन आरोपियों में बांट देता। मुख्य आरोपी फरार है। थानाधिकारी डॉ. हनवंत सिंह राजपुरोहित ने बताया कि गत 29 दिसंबर की रात 12 बजे तीन ठगों के कार में बड़ी-हवाला की तरफ जाने की सूचना मिली। इस पर पुलिस ने रात 1 बजे शिल्पग्राम रोड पर जैन फार्म के पास संदिग्ध कार को रोका। इसमें खेरोदा हाल सबसिटी सेंटर निवासी सोनू मेहता, पानेरियों की मादड़ी निवासी शिवम पानेरी और जतिन मेनारिया थे। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने टटलूबाजी करना स्वीकार किया और इरफान खान को अपना बॉस बताया। पुलिस ने सोनू से 7 मोबाइल, शिवम से 2 मोबाइल, 9 डेबिट कार्ड और जतिन से एक मोबाइल, 11 डेबिट कार्ड और एक क्रेडिट कार्ड बरामद किए। मोबाइल में संदिग्ध एप में अलग-अलग बैंकों की डिटेल मिली। एक थैली भी मिली, जिसमें 4 लाख 80 हजार 500 रुपए, बैंक की 3 पासबुकें और 3 चेकबुकें बरामद की गईं। यह राशि आरोपियों ने ऑनलाइन ठगी कर खातों में ट्रांसफर कराई थी। फिर एटीएम से नकद निकासी की थी। फर्जी स्क्रीन शॉट शेयर कर फंसाते हैं शिकार आरोपियों ने अलग-अलग ऑनलाइन गेमिंग (सट्टा) एप बनवाए हुए हैं। टेलीग्राम पर ग्रुप भी बना रखा है। इसमें लोगों को जोड़ते है। फिर सट्टा खेलकर पैसे कमाने का लालच देते हैं। इसमें जीते हुए पैसों का फर्जी स्क्रीनशॉट शेयर करते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा शिकार जुड़ें। फिर इनसे एप पर सट्टा खेलाने के नाम पर क्यूआरकोड भेज कर पैसे मंगवाते हैं। ये पैसा फर्जी खातों में जाता है, जो इरफान निकाल लेता है। सीआई डॉ. हनवंत सिंह ने बताया कि आरोपी बैंक ऑफ बड़ौदा और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में ही चालू खाते खुलवाते है। वजह ये कि इनमें खाता खुलवाने की आसान प्रक्रिया है। निजी बैंकों में यह प्रक्रिया जटिल है। साथ ही चालू खाते में दिनभर में करोड़ों का लेन-देन कर सकते हैं। सीआई ने अपील की है कि आम जन किसी को खाते की जानकारी या खाता खोलने के लिए दस्तावेज नहीं दें। ऐसी ठगी होने के बाद बैंक खाता धारक को भी गिरफ्तार किया जाता है। लोगों को टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ते, क्यूआर कोड से मांगते राशि आरोपियों के मोबाइलों की जांच में कई गेमिंग और ऑनलाइन एप मिले। फेसबुक और वॉट्सएप से पीड़ितों को भेजे गए क्यूआर कोड के स्क्रीनशॉट भी मिले। इसके अलावा वॉट्सएप पर कई पीड़ितों के आधार कार्ड और पेन कार्ड भी मंगवाए हुए थे।
आरोपियों ने बताया कि वह परिचितों को बैंक में चालू खाते खुलवाने का झांसा देकर आधार कार्ड, पेन कार्ड और मोबाइल नंबर मंगवाते है। इसके बदले पैसे देने का झांसा देते है। दस्तावेज लेकर एक फर्म के नाम का उद्यम आधार और छाप (सील) बनवाते हैं। दस्तावेजों से बैंक में चालू खाता खुलवाते हैं और सिम कार्ड खरीदकर इस नंबर को खाते से लिंक करते हैं। इन्हीं नंबर से ऑनलाइन पेमेंट ट्रांसफर के एप चालू करते है। फिर लोगों से ठगी कर इन खातों में पैसों को मंगवाते है। सरगना इरफान के पास रहती है खातों की डिटेल, ठगी पर देता है 0♠.20 से 0.70% तक कमीशन
इन खातों की डिटेल इरफान के पास भी रहती है। वह खाते में 2 लाख से ज्यादा राशि इकट्ठा होने पर नेट बैंकिंग से निकाल लेता है। इसमें से उन्हें 0.20 से 0.70 प्रतिशत कमीशन देता है, जिसे वह बांट लेते हैं। पुलिस ने सोनू मेहता, शिवम पानेरी और जतिन मेनारिया को गिरफ्तार कर नकदी, मोबाइल, कार, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, पासबुक और चेक बुके जब्त कीं। इनसे मुख्य आरोपी के बारे में पूछताछ कर रही है। एस्कॉर्ट सर्विस का एप बना ठगी कर रहे थे, गैंग पकड़ी
गत 7 अगस्त को प्रतापनगर थाना पुलिस ने कॉल गर्ल के नाम ठगी करने वाली गैंग पकड़ी। जयपुर निवासी प्रीतम सिंह, मनीष चौधरी, अशोक सेन, सुबराती खान, राकेश मीणा और दीपक मीणा को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने एस्कॉर्ट सर्विस का एप बनाया। इस में दिए नंबर पर कॉल करने पर कॉलगर्ल के फोटो भेज दिए जाते। फिर रात को सुनसान जगह पर बुलाते। कार में बैठाकर बदमान करने की धमकी देकर रुपए ऐंठ लेते थे। बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड बनवाने के नाम पर ठगी, पांच को पकड़ा
पिछले साल 27 दिसंबर को गोवर्धन विलास थाना पुलिस ने यूपी निवासी भानुप्रताप, सत्यम सिंह, मोहित सिंह, अमूल अहिरवार और करौली निवासी राहुल शर्मा को गिरफ्तार किया था। ये इंस्टाग्राम पर गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड बनाने के विज्ञापन डालते और ग्राहकों से रजिस्ट्रेशन करवाने को कहते। स्कैनर भेजकर रजिस्ट्रेशन के 400 से 700 रु. लेते और नंबर ब्लॉक कर देते। पुलिस ने इनसे 9 मोबाइल जब्त किए थे। कॉलगर्ल सप्लाई का एड देकर ठगी, चार बदमाश गिरफ्तार
29 जनवरी को सवीना थाना पुलिस ने संतोष पाटीदार, शंकर पाटीदार, मेघ पाटीदार और जितेंद्र पाटीदार को गिरफ्तार किया था। इन्होंने वेबसाइट पर कॉलगर्ल सप्लाई का विज्ञापन दे रखा था। ग्राहक के संपर्क करने पर इनके पास वॉट्सएप कॉल जाता। फिर कॉल गर्ल के नाम पर 500 से 1000 रुपए एडवांस लेते और नंबर ब्लॉक कर देते। पुलिस ने इनसे 9 मोबाइल, 15 एटीएम और 30 सिम कार्ड बरामद किए थे।


