सीकर में 2024 की 10 बड़ी घटनाएं:2 बार आबादी क्षेत्र में घुसा लेपर्ड,रींगस से खाटू तक रेल लाइन बिछाने की घोषणा

साल 2024 खत्म होने जा रहा है। कल साल 2025 की शुरुआत होने जा रही है। सीकर के लक्षमणगढ़ में हुए बस हादसे,बेटी और उसके प्रेमी की हत्या के मामले सहित अन्य घटनाओं को लेकर सीकर चर्चा में रहा। आज 2024 के अंतिम दिन जानें पूरे साल की 10 बड़ी घटनाओं के बारे में : – गाड़ी में रखे पटाखों में आग लगने से 3 दोस्त जिंदा जले – लक्ष्मणगढ़ बस हादसा – 30 दिन में 2 बार लेपर्ड आबादी क्षेत्र में घुसा 1.रींगस से खाटू तक रेलवे लाइन की घोषणा देशभर से आने वाले श्यामभक्त खाटू तक ट्रेन से आ सकेंगे। केंद्र सरकार ने रींगस से खाटू तक रेलवे ट्रैक बिछाने की घोषणा की। ये ट्रैक 17.49 किलोमीटर लंबा होगा। इस पर 254.07 करोड़ रुपए खर्च होंगे। अभी खाटूश्यामजी के दर्शन करने देशभर से ट्रेन से आने वाले भक्तों को रींगस रेलवे स्टेशन पर ही उतरना होता है। लेकिन 2 साल में इस रेल लाइन का काम पूरा होने के बाद यात्रियों को परेशानी नहीं होगी। संभावना है कि रेलवे खाटू से लंबी दूरी की ट्रेनों की भी घोषणा करेगा। 2.सीकर के अमराराम बने सांसद जून में सीकर लोकसभा सीट पर इंडिया गठबंधन ने बड़ी जीत दर्ज की। यहां से इंडिया अलायंस की ओर से माकपा के अमराराम को उतारा गया था। उन्होंने यहां 2 बार सांसद रहे भाजपा के सुमेधानंद सरस्वती को बड़े अंतर से हराया। अमराराम को 659300 और सुमेधानंद सरस्वती को 586404 वोट मिले। अमराराम ने 72896 वोट से जीत दर्ज की। बिजली कटौती,कृषि कानून जैसे मुद्दों को लेकर अमराराम लगातार ग्राउंड में एक्टिव रहे। जिसके चलते ग्राउंड पर उनकी पकड़ रही और उन्हें लोकसभा चुनाव में जीत मिल गई। 3.लक्ष्मणगढ़ बस हादसा अक्टूबर महीने में जिले में इस साल का सबसे बड़ा सड़क हादसा हुआ था। सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ में निजी बस पुलिया से टकरा गई। हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई। 25 से ज्यादा लोग घायल हो गए। बस को लक्ष्मणगढ़ पुलिया से बायीं तरफ से जयपुर-बीकानेर रोड की ओर जाना था। लेकिन तेज रफ्तार में होने के कारण बस पूरी तरह घूम नहीं सकी और सीधे पुलिया से टकरा गई। बस का आगे का 3 से 4 फीट का हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। 3.30 दिन में 2 बार लेपर्ड आबादी क्षेत्र में घुसा नवंबर-दिसंबर महीने में 30 दिन में 2 बार सीकर लेपर्ड आबादी क्षेत्र में घुस गया। पहली बार सीकर में जयपुर रोड पर एक यवक को घायल किया। दूसरी बार लेपर्ड सीकर के कुड़ली गाँव में आया। जहां उसने भास्कर रिपोर्टर सुरेंद्र माथुर सहित कुल 4 लोगों पर हमला कर दिया। दोनों बार लेपर्ड को 5 से 7 घंटे में ट्रेंकुलाइज किया गया। एक्सपर्ट्स के अनुसार सीकर से सटी अरावली की पहाड़ियों में जब लेपर्ड को शिकार नहीं मिलता। तो उनका मूवमेंट अब शहरी क्षेत्र की तरफ बढ़ने लगा है। 4.बेटी-प्रेमी की हत्या के मामले में पिता को सजा-ए-मौत सीकर में बेटी और उसके प्रेमी की ऑनर किलिंग करने वाले पिता को अदालत ने सजा-ए-मौत की सजा सुनाई। इसके साथ ही अन्य 9 आरोपियों को उम्रकैद दी गई। इसमें चाचा और मामा सहित अन्य लोग शामिल थे। वहीं तीन आरोपियों को बरी किया गया। मामला साल 2019 का था। जिसमें पिता ने अपनी बेटी और उसके प्रेमी को सहयोगियों के साथ मिलकर जान से मारा था। कोर्ट ने इस हत्याकांड को DIABOLICAL यानी राक्षसी बताया था। कहा था – हत्यारे (पिता) के पास पर्याप्त समय था कि वह अपने विवेक से काम लेता। यह घटना कोई आवेश में आकर पल दो पल में घटित घटना नहीं थी। यदि हत्यारा चाहता तो अपने कदम वापस ले सकता था। खुद को बचा सकता था। स्पष्ट है कि हत्यारा क्रूर और बर्बर हो चुका था। उसका अपनी 19 साल की बेटी की मासूमियत और इंसानियत से दूर-दूर तक कोई वास्ता ही नहीं था। यह अपराध सामूहिक चेतना को झकझोर देने वाला था। इसे रेयर ऑफ द रेयरेस्ट की कैटेगरी में रखते हुए मृत्युदंड देने में कोई हिचकिचाहट नहीं है। 6.मकर सक्रांति पर सड़क हादसे में 7 की मौत सीकर के लक्ष्मणगढ़ इलाके में मकर सक्रांति को दर्दनाक हादसा हुआ। अर्टिगा गाड़ी डिवाइडर को पार करके सड़क के दूसरी तरफ चल रही बोलेरो कार से जा भिड़ी। हादसे में दोनों गाडि़यों के ड्राइवरों समेत 7 लोगों की मौत हो गई। हादसा जिले के लक्ष्मणगढ़ से निकल रहे जयपुर-बीकानेर (NH-52) हाईवे पर हुआ था। इस दौरान गाड़ियां पूरी तरह से चकनाचूर हो गई थी और उनमें शव बुरी तरह से फंस गए थे, जिन्हें बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया था। 7.गाडी में रखे पटाखों में आग लगने से 3 दोस्त जिंदा जले सीकर के नेछवा थाना इलाके में शादी में शामिल होकर लौट रहे दोस्तों की गाड़ी का अचानक बैलेंस बिगड़ा। गाड़ी में पटाखे रखे हुए थे जिसमें आग लग गई और तीन दोस्तों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। दरअसल लक्ष्मणगढ़ के रहने वाले कन्हैया लाल (27) के बुआ के बेटे विक्रम सिंह की शादी थी। कन्हैया तीन दोस्तों लक्ष्मणगढ़ निवासी सोनू (18), मोहित भार्गव (18) और देव कुमार भार्गव को बलेनो कार में लेकर बुआ के घर सिहोट गया था। शाम को सिहोट से विक्रम की बारात काछवा गई थी। चारों दोस्त भी बारात में गए थे। रात को काछवा से कार से लक्ष्मणगढ़ लौट रहे थे।नेछवा के पास कार का बैलेंस बिगड़ गया। पेड़ से टकराने के बाद कार में आग लग गई। देखते ही देखते आग भभक गई। कार का एक तरफ का गेट खुलने से देव कुमार नीचे गिर गया, लेकिन आग की चपेट में आ गया। कन्हैया, सोनू और मोहित बाहर नहीं निकल पाए और आग में जिंदा जल गए थे। 8.फतेहपुर में कार में जिंदा जले 7 लोग फतेहपुर में चूरू-सालासर स्टेट हाईवे पर एक्सीडेंट के बाद 7 लोग कार में ही जिंदा जल गए। जीणमाता के दर्शन करके लौट रहे परिवार की तेज रफ्तार कार ट्रक में घुस गई थी,टक्कर के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। मृतक परिवार उत्तर प्रदेश के मेरठ का रहने वाला था। हादसा आशीर्वाद पुलिया पर चढ़ते ही 200 मीटर दूरी पर हुआ था। मरने वालों में नीलम गोयल (55) पत्नी मुकेश गोयल,आशुतोष गोयल (35) पुत्र मुकेश गोयल निवासी शारदा रोड मेरठ, मंजू बिंदल (58) पत्नी नरेंद्र बिंदल, हार्दिक बिंदल (37) पुत्र नरेंद्र, स्वाति बिंदल (32) पत्नी हार्दिक,दीक्षा (7) पुत्री हार्दिक और दीक्षा की 4 साल की बहन शामिल थी। कार में गैस किट लगा हुआ था और ट्रक में मेडिकल कॉटन (रूई) भरी हुई थी। 9.नवलगढ़ पुलिया फोरलेन प्रोजेक्ट के लिए दुकान और मकानों को तोड़ा सीकर में नवलगढ़ पुलिया फोरलेन प्रोजेक्ट का काम जल्द शुरू होने वाला है। इसको लेकर नवंबर महीने में नवलगढ़ पुलिया के नीचे अतिक्रमण मानते हुए करीब 2 दर्जन दुकानों और 6 मकानों को तोडा गया। पुलिया के फोरलेन प्रोजेक्ट का काम करीब 2 साल में पूरा होगा। जिसके बाद पुलिया पर बार-बार होने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को राहत मिलेगी। 10.सीकर के रैवासा पीठाधीश्वर का हार्ट अटैक से निधन रैवासा धाम के पीठाधीश्वर महंत राघवाचार्य का निधन हो गया। पीठाधीश्वर को बाथरूम में दिल का दौरा पड़ा था। उन्होंने राजस्थान में वेदाश्रमों की भी स्थापना की थी। रैवास वेद विद्यालय में वेदों की शिक्षा लेने वाले स्टूडेंट इंडियन आर्मी से लेकर कई बड़े संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। महंत के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने उनकी वसीयत भी पढ़कर सुनाई थी। महंत राघवाचार्य ने वृंदावन के संत राजेंद्रदास देवाचार्य को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। इसी रैवासा धाम में गोस्वामी तुलसीदास ने काव्य रचना की थी।

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