वीसी बोले- सहयोग करें, मेंबर्स बोले- अंतिम तारीख पर बैठक क्यों बुलाई
जीवाजी यूनिवर्सिटी में सोमवार को आयोजित कार्यपरिषद की बैठक में राज्यपाल कोटे 6 कार्यपरिषद सदस्यों ने निजी लॉ कॉलेजों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए संबद्धता देने का जमकर विरोध किया। लेकिन कार्यपरिषद सदस्य संजय यादव, विवेक भदौरिया, डॉ. रवि अंबे, सेवंती भगत, प्रदीप शर्मा आदि के विरोध के बाद भी जेयू के अफसरों ने 21 लॉ कॉलेजों को संबद्धता जारी कर दी। इनमें 14 निजी व 7 सरकारी कॉलेज शामिल हैं। जबकि ऐसे कार्यपरिषद सदस्यों ने नोट ऑफ डिसेंट लगाया था जिसे मान्य करने से जेयू के अफसरों ने इनकार कर दिया। इस तरह के आरोप कार्यपरिषद सदस्यों ने लगाए हैं। ईसी मेंबर प्रदीप शर्मा ने जेयू के अफसरों को तानाशाह तक बैठक के बाद कह दिया। हालांकि अब ईसी मेंबर व कुलगुरु प्रो. अविनाश तिवारी के बीच विवाद गहरा गया है। कार्यपरिषद सदस्यों ने कहा है जेयू के अफसरों की तानाशाही की शिकायत राज्यपाल मंगुभाई पटेल व सीएम डॉ. मोहन यादव से करेंगे। सिलसिलेवार यह है पूरा मामला दरअसल, कार्यपरिषद सदस्यों का कहना था कि कुछ निजी कॉलेज ऐसे हैं जो मानकों को पूरा नहीं करते। ऐसे कॉलेजों के पास बिल्डिंग का अभाव है। साथ ही परिनियम 28/17 के तहत नियुक्त टीचर भी नहीं है। इसलिए वह ऐसे कॉलेजों की जिन कमेटियों ने निरीक्षण किया था। उसका वे अध्ययन करना चाहते हैं। लेकिन जेयू के अफसरों ने कहा कि संबद्धता जारी करना जरूरी है, क्योंकि बीसीआई में आवेदन करने को मंगलवार को अंतिम मौका है। ऐसे में वह अध्ययन के लिए समय नहीं दे सकते। वहीं कुलपति प्रो. अविनाश तिवारी का कहना था कि स्पेशल कार्यपरिषद की बैठक बुलाने का उनके पास अधिकार है। वहीं रजिस्ट्रार अरुण चौहान का कहना है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया से सत्र 2025-26 की मान्यता के लिए आवेदन करने को लॉ कॉलेजों के पास मंगलवार को अंतिम दिन है। निरीक्षण कमेटी की रिपोर्ट, स्टैंडिंग कमेटी की अनुशंसा व कार्यपरिषद की बैठक में चर्चा के बाद नियमों के तहत सभी 21 लॉ कॉलेजों को संबद्धता जारी करने का अनुमोदन प्रदान कर दिया है। ईसी मेंबर के आरोप निराधार हैं। 1 बिल्डिंग में कई कोर्स चल रहे
बैठक में कुलगुरु से आग्रह किया था कि कुछ लॉ कॉलेज ऐसे हैं जिनके पास एक बिल्डिंग है, जिसमें कई कोर्स संचालित हो रहे हैं। -डॉ. रवि अंबे, कार्यपरिषद सदस्य
फर्जीवाड़े की करेंगे शिकायत
निरीक्षण रिपोर्ट दिखाए बिना ही 21 लॉ कॉलेजों को संबद्धता जारी करने का अनुमोदन अफसरों ने प्रदान किया है। इसकी राज्यपाल व मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे। -संजय यादव, कार्यपरिषद सदस्य


