चित्तौड़गढ़ में सजी विकसित भारत की रंग-बिरंगी कला प्रदर्शनी:फतह प्रकाश महल में कलाकारों ने विकसित भारत का सपना रंगों और चित्रों में सजाया

चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित राजकीय संग्रहालय फतह प्रकाश महल में सोमवार को “विकसित भारत के रंग, कला के संग” कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस आयोजन की शुरुआत सांसद चंद्रप्रकाश जोशी ने की।यह प्रोग्राम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75 वर्ष पूरे होने पर किया गया। आयोजन के तहत जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में हुई कला प्रतियोगिता में चयनित चित्रों और कलाकृतियों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही संग्रहालय द्वारा “विकसित भारत” विषय पर आर्ट एग्जिबिशन भी लगाई गई। दस फीट की रंगोली बनी आकर्षण का केंद्र प्रोग्राम में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला दृश्य संस्कार भारती के कलाकार अभय मुंशी की बनाई रंगोली रही। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्यक्तिचित्र दस फीट की रंगोली में सजाया। इसे देखने के लिए आए अतिथि और कला प्रेमी देर तक ठहरकर इसकी प्रशंसा करते रहे। कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर, जिला प्रशासन चित्तौड़गढ़, पर्यटन विभाग, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण जोधपुर सर्कल, राजकीय संग्रहालय चित्तौड़गढ़, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड, संस्कार भारती ईकाई चित्तौड़गढ़ और चित्तौड़गढ़ आर्ट सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। कला पर्व से गांव भी जुड़े प्रोग्राम के संयोजक डॉ. मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि “विकसित भारत के रंग, कला के संग” अभियान को एक विश्व कीर्तिमान बनाने की दिशा में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक पूरे देशभर में चलाया जा रहा है। इसका मकसद हर राज्य, हर जिले और हर गांव को एकजुट कर 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की संकल्पना को आगे बढ़ाना है। जिला कलेक्टर आलोक रंजन की पहल से न सिर्फ शहर बल्कि गांवों के कलाकार भी इस कला पर्व से जुड़े। उनकी कृतियों को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया। 30 से ज्यादा कलाकारों ने लिया भाग चित्तौड़गढ़ के अलावा सवाईमाधोपुर, उदयपुर और भीलवाड़ा से भी कलाकार आमंत्रित किए गए। सभी ने अपनी मौलिक शैली में “विकसित भारत” विषय पर चित्रण किया। कला में भारत के भविष्य, आधुनिक विकास और परंपरागत मूल्यों को एक साथ उकेरा गया। इसमें 30 से ज्यादा कलाकारों ने भाग लिया। छह साल से साठ साल तक के कलाकार हुए शामिल इस आयोजन में कला जगत की एक अनोखी झलक देखने को मिली। यहां पर छह साल के नन्हें कलाकारों से लेकर साठ साल के वरिष्ठ कलाकारों तक ने अपनी रचनाओं से लोगों को प्रभावित किया। वरिष्ठ कलाकार प्रहलाद दास वैष्णव, भावना प्रजापति, दिलीप जोशी, तन्मय शर्मा, प्रांजल सोनी, उत्कर्ष कुमावत, हेमंत सालवी, गौरव कुमावत, गौरव शर्मा, जीतू, संगीत शर्मा, प्रियंका, प्रियंका शर्मा, अजय मिश्रा, रजनी गोस्वामी, प्रीति अजमेरा, मधु मालीवाल, रणवीर सिंह राणावत, सिद्धम शर्मा, अभिनव शर्मा, राधिका और विजय सोनी सहित अनेक कलाकारों ने इसमें भाग लिया। दिन भर चला वर्कशॉप और लाइव पेंटिंग फतह प्रकाश महल के प्रांगण में दिनभर कला स्कूलों और कॉलेजों के स्टूडेंट्स ने लाइव पेंटिंग की। इससे कार्यक्रम का वातावरण और भी जीवंत हो उठा। नोडल अधिकारी एवं पर्यटन विभाग के जिला अधिकारी विवेक जोशी ने बताया कि इस मौके पर स्टूडेंट्स ने बड़े उत्साह से हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर के डिप्टी डायरेक्टर पवन अमरावत, कार्यक्रम अधिशासी हेमंत मेहता, कार्यक्रम सहायक सुनील निमावत, मेवाड़ यूनिवर्सिटी आर्ट एंड कल्चर की डायरेक्टर जनरल चित्रलेखा, पुरातत्व विभाग उदयपुर वृत के अधिकारी हिमांशु राजावत, संग्रहालय अध्यक्ष गुलशन कुमार मीणा, बिरला शिक्षा केंद्र की प्रिंसिपल रेखा यादव और सवाईमाधोपुर के विजय कुमावत सहित बड़ी संख्या में कला प्रेमी और स्टूडेंट्स मौजूद रहे। कला के संग भविष्य की झलक आयोजन के दौरान हर चित्र, हर रेखा और हर रंग में “विकसित भारत” का सपना झलकता दिखाई दिया। किसी ने विज्ञान और तकनीक से जुड़े चित्र बनाए, तो किसी ने ग्रामीण भारत की प्रगति को उकेरा। वहीं, कुछ कलाकारों ने संस्कृति और परंपरा को विकास की धारा से जोड़कर दर्शाया।

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