मंत्री राकेश सचान सोमवार को रायबरेली पहुंचे। वे जिले के प्रभारी मंत्री हैं। मंत्री के सामने अफसरों के फोन न उठाने की शिकायतें सामने उठीं। आरोप लगा कि CDO अर्पित उपाध्याय और DFO मयंक अग्रवाल फोन नहीं उठाते और न ही आसानी से मिलते हैं। मंत्री ने रियलिटी जानने के लिए DFO मयंक अग्रवाल और CDO अर्पित उपाध्याय को फोन मिला दिया। लेकिन दोनों अफसरों का CUG फोन रिसीव नहीं हुआ। मंत्री के बगल बैठे भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धिलाल पासी ने भी अफसरों को फोन मिलाया। लेकिन किसी का फोन नहीं उठा। इस पर मंत्री राकेश सचान मुस्कुराते हुए बोले- अध्यक्ष जी, यह तो बहुत गंभीर बात है। उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मंत्री ने कहा- हम लोग भी अगर व्यस्त रहते हैं। फोन नहीं उठा पाते। इसके बाद में जितने भी मिस्डकॉल होते हैं। उन नंबरों को घुमाते हैं। करीब 5 मिनट बाद DFO मयंक अग्रवाल का कॉल बैक आया। उन्होंने मंत्री से कहा- टॉयलेट में था, इसलिए फोन नहीं उठा पाया। पहले पढ़िए मंत्री और DFO के बीच क्या बातचीत हुई? डीएफओ- जी सर। मंत्री- कहां हो आप। सो रहे थे क्या? डीएफओ- सर टॉयलेट गए थे। मंत्री- ओके, अभी कहां हैं, घर में? डीएफओ- सर। मंत्री- देखिए, बहुत गंभीर शिकायते हैं। उसमें भी आप टेस्ट में फेल हो गए। हमारा फोन भी नहीं उठाया आपने। यही शिकायत हुई थी कि उनको फोन मिलाइए तो फोन उठाते ही नहीं। न तो बात करते हैं। डीएफओ- सर डेढ़ महीने पहले ही चार्ज लिया। मंत्री- डेढ़ महीने पहले चार्ज लिया तो क्या हुआ। थे तो आप रायबरेली में ही। सुधार करिए आप इसका। डीएफओ- जी सर। मंत्री- आप यहां के अधिकारी हो, और मीडिया के लोग आम लोग आप से मिलने आए तो आप मिलो ही न। यह तो गंभीर बात है। डीएफओ- कौन मिलने आया था? मंत्री- ये हैं दैनिक भास्कर के पत्रकार, आप से मिलने गए आप मिले ही नहीं। न तो फोन उठाया। डीएफओ- सर यह लोग झूठ बोल रहे हैं। ऐसा नहीं होता कि किसी का फोन नहीं उठाता। मंत्री- आप लोग अधिकारी हैं और सबकी सुने। आज ही डीएम को पत्र लिखता हूं। सभी अधिकारियों से बात करें कि जो मामला हल करने लाया हो उसे हल करें। नहीं तो जनता से मना करें कि यह काम नहीं हो पाएगा। डीएफओ- सही बात है सर फोन तो उठाना ही चाहए। मंत्री- हंसते हुए। हमें भी अब बता रहे हो फोन उठाना चाहिए। अब आगे से ऐसा नहीं हो। सुधार लाइए। डीएफओ- जी सर। मंत्री ने बताया कि नवरात्रि से नई जीएसटी दरें लागू होंगी। रोजमर्रा की जरूरत और खाने-पीने की चीजों पर सिर्फ 5% जीएसटी लगेगा, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं और दवाओं पर भी कर घटाकर बेहद कम कर दिया गया है। …………………………. ये खबर भी पढ़ें… यूपी में जाति लिखने पर वाहनों का चालान होगा:FIR में आरोपी की जाति भी नहीं लिखी जाएगी, जातिगत रैलियों पर भी रोक यूपी सरकार ने जातीय भेदभाव रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब पुलिस रिकॉर्ड, नोटिस बोर्ड और गिरफ्तारी मेमो में आरोपी की जाति का जिक्र नहीं किया जाएगा। खास बात यह है कि आरोपी के पिता के नाम के साथ अब माता का नाम भी दर्ज किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर…


