कोडरमा| इफको हजारीबाग की ओर से सोमवार को जयनगर के चेहाल पंचायत में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुखिया सुमन्ती कुमारी, किसान मित्र रामलखन यादव, पैक्स अध्यक्ष महेन्द्र यादव एवं एसएफए कोडरमा के विजय कुमार उपस्थित रहे। गोष्ठी में लगभग 70 किसानों ने भाग लेकर नवीनतम कृषि तकनीक और उर्वरक प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं। गोष्ठी में इफको क्षेत्र प्रबंधक अमित आनंद ने किसानों को बायोफर्टिलाइज़र (एनपीके कंर्सोटियम) के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बायोफर्टिलाइज़र का नियमित उपयोग मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में सहायक है और रासायनिक खाद की खपत को कम करता है। किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के प्रयोग की विधि भी समझाई गई। बताया गया कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का छिड़काव 4 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी की दर से 100 लीटर घोल तैयार कर प्रति एकड़ खेत में किया जाना चाहिए। साथ ही नैनो डीएपी को 5 मिलीलीटर प्रति किलो बीज या कंद के हिसाब से उपयोग करने की सलाह दी गई। इससे लागत कम आती है और फसल की पैदावार बढ़ती है। कार्यक्रम में सूक्ष्म पोषक तत्व जैसे जिंक, बोरॉन और आयरन, साथ ही कैल्शियम, मैग्नीशियम और सल्फर की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों ने बताया कि ये पोषक तत्व पौधों की वृद्धि, उत्पादन क्षमता, दाने और कंद के आकार, फलों एवं सब्जियों की गुणवत्ता और भंडारण क्षमता को बेहतर बनाते हैं। इसके अलावा किसानों को सागरिका बाल्टी एवं तरल सागरिका के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। गोष्ठी में उपस्थित किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और संतुलित पोषण प्रबंधन से जोड़कर खेती की लागत घटाना और उत्पादन बढ़ाना बताया गया।


