भास्कर न्यूज़| कोडरमा जिला मुख्यालय अंतर्गत नगर पंचायत क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान अनाबद्ध निधि से लगाए गए स्ट्रीट लाइट की जांच कराई जाएगी। उपायुक्त ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए जिला नियोजन पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया है। वहीं, गठित जांच टीम में जिला परिषद के कार्यपालक अभियंता और कनीय अभियंता को शामिल किया गया है। टीम को निर्देश दिया गया है कि सभी स्थानों पर लगे स्ट्रीट लाइट का भौतिक सत्यापन कर तीन दिनों में रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।भौतिक सत्यापन के लिए गठित जांच टीम में कनीय अभियंता हेमंत कुमार को नए पोल वाले लाइट की जांच का जिम्मा दिया गया है। वहीं, पुराने पोल पर लगाए गए 384 लाइटों की जांच के लिए आयुष राव, अजय कुमार, शिव शंकर कुमार, मनीष कुमार और अफरोज आलम को शामिल किया गया है। अनाबद्ध निधि से नगर पंचायत क्षेत्र में कुल 444 स्ट्रीट लाइट लगाए गए थे। इनमें 60 लाइट नए ट्यूबलर पोल पर और 384 लाइट पुराने पोल पर लगाई गई थीं। हालांकि अधिकांश लाइट कुछ ही दिनों में खराब हो चुकी हैं। इसको लेकर क्षेत्र की विधायक नीरा यादव ने भी सवाल उठाए थे और अनियमितता की शिकायत करते हुए जांच की मांग की थी। भास्कर न्यूज़नए ट्यूबलर पोल पर 60 स्ट्रीट लाइट लगाई गई थीं। इसमें उप विकास आयुक्त आवास परिसर में 20, समाहरणालय परिसर में 25, बागीटाड़ स्टेडियम में 10 और परिसदन परिसर में 5 लाइट शामिल हैं। पुराने पोल पर 384 लाइट लगाई गई थीं। इसमें सबसे ज्यादा 79 लाइट डीएफओ कार्यालय, आवास और फॉरेस्ट कॉलोनी में लगाई गई थीं। इसके अलावा समाहरणालय परिसर, पत्रकार चौक, गांधी चौक, अंबेडकर चौक, सदर अस्पताल परिसर, कोडरमा बाजार, बजरंग चौक, तिरंगा चौक और नगरखर मंदिर समेत 25 स्थानों पर लाइट लगाई गई थी। कहां-कहां लगे थे नए पोल के साथ लाइट


