इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के जूनियर अधिकारी पवन शर्मा को सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) की चंडीगढ़ बेंच ने बड़ी राहत दी है। आईबी की अपील अथॉरिटी में बैठे अफसरों ने 12 साल पहले अमृतसर एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन ड्यूटी के दौरान लापरवाही मामले में आईबी अधिकारी को सजा के तौर पर 5 साल के लिए डिमोट कर दिया था। पुलिस और विभागीय जांच में अधिकारी को क्लीनचिट मिल चुकी है। कैट की बेंच ने दलीलें सुनने के बाद अब अपील अथॉरिटी के 5 साल के डिमोट करने के आदेश को खारिज कर दिया और याचिकाकर्ता को प्रमोशन के साथ सभी बेनिफिट देने के आदेश दिए हैं। अपील अथॉरिटी का दखल गैर कानूनी था : कैट अमृतसर निवासी पवन शर्मा 26 अक्टूबर 1995 को आईबी में बतौर सिक्योरिटी असिस्टेंट भर्ती हुए थे। वह जूनियर इंटेलिजेंस अधिकारी 2जी तक प्रमोट हुए। 2013 में वह अमृतसर िस्थत श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एसआईबी में तैनात थे। उस दौरान उन पर पैसेंजर को फर्जी कागजों पर क्लीयरेंस देने का आरोप लगा था। पैसेंजर कंदीप सिंह उर्फ कुलदीप सिंह था, जो फर्जी परमानेंट रेजिडेंट कार्ड और पासपोर्ट पर पुरानी तारीखों के स्टैंप्स लगाकर स्पेन जा रहा था। आरोप है कि शर्मा ने ड्यूटी में निष्पक्षता नहीं दिखाई है। सितंबर 2013 को शर्मा को आरोपों की चार्जशीट दी गई, जिसमें उसने पैसेंजर को अनुचित फायदा पहुंचाया। 10 जून 2013 को दर्ज एफआईआर में पुलिस ने जांच में शर्मा को क्लीनचिट दी। पुलिस जांच में आया कि शर्मा का फ्रॉड में कोई रोल नहीं था और चालान सिर्फ अन्य आरोपियों के खिलाफ दाखिल किया गया। असिस्टेंट डायरेक्टर (डिसिप्लिनरी अथॉरिटी) ने जुलाई 2014 को सेंसर की मामूली सजा दी। याची ने डिप्टी डायरेक्टर के सामने अपील की। डिसीप्लीनरी अथॉरिटी ने सितंबर 2015 को सजा रद्द कर दी। कैट की बेंच ने कहा, अपील अथॉरिटी का दखल गैर कानूनी था, बिना अपील सू-मोटो कार्रवाई नहीं की जा सकती।


