दिवाली के पहले ही रायपुर स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या देखकर आरपीएफ, जीआरपी के साथ पुलिस भी अलर्ट हो गई है। त्योहार पर भीड़ बढ़ते ही चोरी-पाकिटमारी और उठाईगिरी की वारदात बढ़ जाती है। पिछले चार-पांच साल के ट्रेंड को देखते हुए रेलवे और आरपीएफ ने सुरक्षा के लिए करीब 70 जवान सिर्फ दीपावली के तैनात किए जाएंगे। इसके साथ ही सैलून साइडिंग, होटल ली रॉय और गुढियारी गेट के सामने होल्डिंग एरिया बनेगी। प्लेटफार्म पर यात्रियों की संख्या बढ़ते ही यात्रियों को होल्डिंग एरिया में बैठाया जाएगा। इसके साथ ही कैमरा भी 15 से अधिक कैमरे स्टेशन परिसर में लगाए जाएंगे। इससे साथ ही आरपीएफ ने गश्त के लिए जवानों की संख्या बढ़ा दी है। रायपुर स्टेशन से एक दिन में रोज औसतन 70 हजार यात्री सफर करते हैं। दीपावली पर इस साल इनकी संख्या एक लाख के करीब पहुंच जाती है। क्योंकि दिल्ली, मुंबई, हावड़ा, उत्तर-प्रदेश और बिहार जाने वाली लंबी कतार रहती है। इसी भीड़ का फायदा उठाकर चोर और उठाईगिरा वारदात करते हैं। भीड़ में चोरों का काम आसान हो जाता है। इसलिए इस बार दीपावली पर आरपीएफ और जीआरपी के साथ गुढियारी और गंज पुलिस थाने की लोकल पुलिस भी स्टेशन पर गश्त करती हुई नजर आएगी। सुरक्षा एजेंसियों की मुख्य उद्देश्य है कि त्योहार के दौरान ट्रेन से पटाखा और पेट्रोलियम पदार्थ को ले जाने से रोका जा सके। चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे की रहेगी नजर रायपुर रेलवे स्टेशन पर में वर्तमान में 76 प्वाइंटों पर सीसीटीवी लगाए गए हैं। आरपीएफ की टीम कंट्रोल रूम से लगातार स्टेशन से आने और जाने वालों पर नजर रख रही है। लेकिन सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक न, हो इसके लिए ड्रोन से भी नजर रखनी शुरू कर दी गई है। नवरात्रि के पंचमी से ही स्टेशन पर जवानों की संख्या बढ़ जाएगी। गुढ़ियारी की तरफ भी रख रहे नजर रायपुर रेलवे स्टेशन के गुढियारी और फाफाडीह की सड़क तक संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। स्टेशन के एटीएम से लेकर एस्कलेटर तक लोहे के बैरीकेड लगा दिए गए हैं। वहीं दूसरी तरफ किसी भी भिक्षावृत्ति करने वालों को स्टेशन परिसर के आस-पास अभी से ही फटकने नहीं दिया जा रहा है। हर साल यात्रियों की संख्या में हो रहा इजाफा स्टेशन से सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में साल दर साल बढ़ोतरी हो रही है। मंडल से मिली जानकारी के मुताबिक रायपुर स्टेशन में प्रत्येक वर्ष करीब 20-25 फीसदी तक यात्री बढ़ जाते हैं। पीक सीजन में यह आंकड़ा एक लाख तक पहुंच जाता है। इतना ही नहीं रक्षाबंधन, नवरात्रि, दिवाली, छठ पूजा और होली जैसे त्योहार में यात्रियों की इतनी संख्या बढ़ जाती है कि स्टेशन परिसर भी छोटा पड़ने लगता है।


