विधानसभा में विपक्ष के नेता डॉ.चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर अतिथि व्याख्याता नीति-2024 में तत्काल संशोधन की मांग की है। डॉ. महंत ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 20 जून 2024 से अतिथि व्याख्याता नीति लागू की। इसमें छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के हितों की घोर उपेक्षा हुई है। इसमें छत्तीसगढ़ के बाहर के निवासियों को भी पात्र माना गया है। जबकि इसमें राज्य के अभ्यर्थियों की ही पात्रता होनी चाहिए थी। मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग राज्य के मूल निवासी होने की अनिवार्यता रखी है।


