9 महीने पहले बंद हुई महारानी फार्म पुलिया पर सोमवार से ट्रैफिक शुरू हो गया। पुलिया चालू होने के बाद मानसरोवर जाने वाले लोगों को अब 5 किमी का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। साथ ही, गोपालपुरा बाइपास पर सुबह-शाम होने वाली ट्रैफिक जाम की समस्या में भी राहत मिलेगी। यहां द्रव्यवती नदी के क्रॉसिंग पर हाइलेवल ब्रिज का निर्माण किया है। बारिश के दिनों में पुलिया की ऊंचाई कम होने के कारण पानी भर जाता था और यातायात प्रभावित होता था। सोमवार शाम को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ब्रिज का लोकार्पण किया और ट्रैफिक संचालन के लिए इसे खोल दिया। ब्रिज का निर्माण और ऊंचाई बढ़ाने की प्रक्रिया
सीएम भजनलाल शर्मा ने एक साल पहले जेडीए अधिकारियों को पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद डीपीआर बनने के बाद जनवरी में काम शुरू हुआ। इसे 6 महीने में पूरा करना था, लेकिन बीच में काम बंद हो गया। आखिरकार 9 महीने में इस पुलिया का निर्माण पूरा हुआ। लोकार्पण के मौके पर यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा, नगर निगम ग्रेटर के उपमहापौर पुनीत कर्नावट और अन्य जनप्रतिनिधि तथा जेडीए अधिकारी मौजूद रहे। ट्रैफिक लाभ और रोजाना आवाजाही
महारानी फार्म पुलिया पर हर दिन करीब 80 हजार वाहनों की आवाजाही रहती है। पुलिया शुरू होने से टोंक रोड स्थित बीटू बाइपास का ट्रैफिक लोड कम होगा। पुलिया से मानसरोवर, पत्रकार कॉलोनी, मुहाना मंडी, सुमेर नगर और मानसरोवर स्कैन मंदिर के आसपास रहने वाले करीब 5 लाख लोगों को फायदा होगा। रपट की चौड़ाई और बॉक्स कल्वर्ट का निर्माण
काम शुरू होने से पहले रपट (कनेक्टिंग रोड) की चौड़ाई 17 मीटर थी। अब इसे 20 मीटर चौड़ा किया गया है। साथ ही, बहते पानी से रपट की ऊंचाई बढ़ाने के लिए चार बाई चार मीटर के बॉक्स लगाए गए। इसके चलते रपट की ऊंचाई साढ़े चार मीटर तक बढ़ गई। इसकी कुल लंबाई 210 मीटर है। निर्माण पर लगभग 6 करोड़ रुपए की लागत आई।


