शारदीय नवरात्रि में सोमवार से शुरू हो गए है। टोंक में जिलेभर के देवी मंदिरों पर विशेष सजावट की गई है। श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिरों में उमड़ी है। मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना के साथ धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हे। पहले दिन मां शैलपुत्री का श्रृंगार किया गया है। इस नवरात्रि मातारानी वाहन गज (हाथी) होगा। गज पर मातारानी का नवरात्रि प्रवेश सुख-समृद्धि के अच्छे संकेत देता है। सुबह 6.15 से 7.30 के तहत ब्रह्म और सुबह 11.55 बजे से दोपहर 12.43 बजे अभिजित मुहूर्त में घटस्थापना की गई। कंकाली माता मंदिर में उमड़े भक्त
जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक कंकाली माता मंदिर में भी नवरात्रि पर खासी रौनक रहती है। एक हजार साल से भी पुराना इतिहास रखने वाली कंकाली माता का धाम पहले बमोर गेट के पास स्थित पहाड़ी पर हुआ करता था। रियासतकाल में मंदिर व प्रतिमा की पहाड़ी से नीचे वर्तमान स्थान पर स्थापना की गई। पुजारी दुर्गापुरी गोस्वामी ने बताया कि नवरात्रि में सुबह 7.15 और शाम को 7 बजे फलों और मिश्री-पेड़ा का भोग लगाने के बाद आरती होती है। शाम को 9.30 बजे तक पट दर्शन के लिए खुले रहते है। वही सुबह व शाम को झांकी सजावट होती है। अष्टमी पर विशेष फूल बंगला झांकी सजाई जाती है और 56 भोग की झांकी सजाई जाएगी। साथ ही सप्तमी, अष्टमी व नवमी पर खीर का प्रसाद वितरण होता है। मंदिरों में दर्शनों को उमड़े लोग
कंकाली माता मंदिर के अलावा श्रीस्वर्ण दुर्गा मंदिर, आरएसी माताजी, संतोषी माता पुलिस लाईन, दूधिया के बालाजी, आतड़िया के बालाजी, महादेवाली शिवालय, श्रीमंशापूर्ण भूतेश्वर महादेव, श्रीराम-कृष्ण मंदिर, रघुनाथपुरी तख्ता आदि मंदिरों में विशेष झांकी व अन्य दैविये मंदिरों में विशेष लाईटों से रोशनी की व्यवस्था की गई है। जिले के दूणजा माताजी, चांदली माताजी, कुचलवाड़ा की माताजी पर भी श्रद्धालुओं की काफी भीड़ दिखाई दे रही है।


