चित्तौड़गढ़ में गरबा और डांडियों की खनक गूंजी:फ्री स्टाइल गरबा रास ने बांधा समां, युवाओं ने दिखाया उत्साह

नवरात्रि में चित्तौड़गढ़ में भक्ति और उमंग का संगम देखने को मिल रहा है। मेवाड़ महोत्सव संस्थान की ओर से सोमवार रात भरत बाग में आयोजित नवरात्रि डांडिया महोत्सव का आगाज हुआ।
रंग-बिरंगी लाइटों से सजा डांडिया पांडाल देवी मां की भक्ति और गरबा की तालियों से देर रात तक गूंजता रहा। कार्यक्रम की शुरुआत परंपरागत ढंग से हुई और श्रद्धालु गरबा रास की थाप और डांडियों की खनक पर देर रात तक झूमते नजर आए। महंत चन्द्र भारती महाराज ने किया शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन रात करीब 9 बजे श्री हजारेश्वर महादेव मंदिर के महंत चन्द्र भारती महाराज ने किया। उन्होंने डांडिया पांडाल में पहुंचकर मोली बंधन खोलकर महोत्सव की शुरुआत की। इससे पहले करीब 8:30 बजे माता जी की आरती हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आरती के बाद पूरे वातावरण में भक्ति का माहौल और गहरा गया। महंत चन्द्र भारती महाराज ने इस अवसर पर कहा कि नवरात्रि केवल देवी की उपासना का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि गरबा और डांडिया नृत्य में भक्ति और उत्सव दोनों की झलक देखने को मिलती है। इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों से समाज में एकता और उत्साह का वातावरण बनता है। फ्री स्टाइल गरबा रास ने बांधा समां
महोत्सव के पहले दिन फ्री स्टाइल गरबा रास का आयोजन हुआ। इसमें शहर के युवा, महिलाएं और बच्चे सभी बड़े उत्साह के साथ शामिल हुए। जैसे ही डीजे बजा, वैसे ही सभी श्रद्धालु गोल घेरे में गरबा खेलने लगे। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने ताली और चुटकी की थाप पर सुंदर तालमेल से गरबा खेला। इसके अलावा डांडिया का भी आयोजन हुआ। देर रात तक आयोजन चला। गरबा रास गुजरात की प्राचीन परंपरा है, जो अब पूरे देश और खासकर राजस्थान में भी लोकप्रिय हो चुका है। इसमें लोग माता की प्रतिमा या घट को बीच में रखकर गोल घेरे में नृत्य करते हैं। आज भी होगा फ्री स्टाइल गरबा डांस
मेवाड़ महोत्सव संस्थान के सहसंयोजक शोभित जैन ने बताया कि महोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को भी फ्री स्टाइल गरबा डांस का आयोजन होगा। इसमें प्रतिभागियों को अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा।
आयोजन समिति ने बताया कि इस बार महोत्सव को और भी आकर्षक बनाने के लिए विशेष सजावट और लाइटिंग की गई है, ताकि श्रद्धालु और प्रतिभागी दोनों उत्सव का भरपूर आनंद ले सकें। प्रतियोगिताओं से बढ़ा उत्साह, किया गया सम्मानित
कार्यक्रम की शुरुआत में ही प्रतिभागियों के उत्साह को और बढ़ाने के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें पुरुष, महिला और बच्चों की अलग-अलग प्रतियोगिताएं रखी गईं। कुल 5 महिलाओं, 5 पुरुषों और 5 बच्चों को बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें मंच पर बुलाकर संस्थान के संरक्षक दिलीप नंदावत, अध्यक्ष एडवोकेट प्रदीप काबरा, सचिव मोनू सलूजा और संयोजक शैलेन्द्र सिंह चुंडावत ने सम्मानित किया। युवाओं में नजर आया उत्साह
​​​​​​​सम्मान पाने के बाद बच्चों और युवाओं का उत्साह और भी बढ़ गया और उन्होंने और जोश के साथ गरबा रास में भाग लिया। पांडाल में उपस्थित लोगों ने भी ताली बजाकर सभी का उत्साहवर्धन किया।

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