अमृतसर के दमदमी टकसाल अजनाला के प्रमुख भाई अमरीक सिंह अजनाला ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि समिति श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शताब्दी मनाने की हकदार नहीं है। उन्होंने ऐलान किया कि टकसाल इस शताब्दी का विरोध करेगी और जहां भी एसजीपीसी कार्यक्रम आयोजित करेगी, वहां विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। टकसाल प्रमुख ने कहा कि सिख पंथ और संगत अगर मिलकर शताब्दी मनाएंगे तो वे उसका हिस्सा बनने को तैयार हैं, लेकिन बादल दल और एसजीपीसी की अगुआई में होने वाले किसी भी आयोजन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। SGPC ने स्वरूपों की गुमशुदगी मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की दमदमी टकसाल अजनाला के प्रमुख भाई अमरीक सिंह ने आरोप लगाया कि एसजीपीसी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 स्वरूपों की गुमशुदगी मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। न तो दोषियों को बेनकाब किया गया और न ही सिख संगत को इस संबंध में कोई पारदर्शी जानकारी दी गई। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि बुरज जवाहर सिंह से स्वरूप चोरी, बरगाड़ी बेअदबी और कोटकपूरा गोलीकांड जैसे मामलों में भी समिति ने अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह से निभाने में नाकामी दिखाई है। धार्मिक कार्यक्रमों का इस्तेमाल राजनीतिक स्वार्थ के लिए बर्दाश्त नहीं टकसाल प्रमुख ने कहा कि एसजीपीसी श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शताब्दी मनाने की हकदार नहीं है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी सिख संगत को गुमराह कर धार्मिक कार्यक्रमों का इस्तेमाल राजनीतिक स्वार्थ के लिए करेगी तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाई अमरीक सिंह ने यह भी कहा कि यदि विरोध के दौरान हालात टकराव तक पहुंचते हैं तो भी वे पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी और पांच प्यारों का पूरा सत्कार किया जाएगा। गुरु साहिब के स्वरूप और पांच प्यारों को सिरोपाओ भेंट किए जाएंगे, लेकिन बादल दल और उनके समर्थकों का विरोध सख्ती से जारी रहेगा।


