किन्नौर जिले की तरंडा पंचायत में 18 सितंबर की रात बादल फटने से भारी तबाही मची। थाच नाले में आई बाढ़ से सरकारी और निजी संपत्ति को कुल 8.34 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचा। एसडीएम निचार ने उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा को नुकसान की रिपोर्ट सौंपी। राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-05 को 3 करोड़ और वन विभाग को 2.5 करोड़ का नुकसान हुआ, जिसमें कीमती पेड़ और नर्सरी के पौधे बह गए। लोक निर्माण विभाग की सड़क बही वहीं लोक निर्माण विभाग की 1200 मीटर सड़क बह गई, जिससे 1 करोड़ का नुकसान हुआ। उद्यान विभाग को एक करोड़ और जल शक्ति विभाग को 25 लाख का नुकसान हुआ। स्थानीय लोगों की निजी संपत्तियों को भी भारी क्षति पहुंची। पांच मकान क्षतिग्रस्त हुए, जिससे 5 लाख का नुकसान हुआ। दो गाड़ियां और एक मिक्सचर मशीन बह गईं, जिससे 15 लाख का नुकसान हुआ। प्रभावित लोगों को 11 तिरपाल वितरित वहीं दो दोगरी और गोशाला को 4 लाख का नुकसान हुआ। 25 से अधिक परिवारों के 1697 सेब के पेड़ बह गए। गांव के आम रास्ते को 35 लाख का नुकसान हुआ। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित चार परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। एक परिवार को राशन दिया गया। प्रभावित लोगों को 11 तिरपाल वितरित किए गए। एक परिवार ने स्वयं दूसरे स्थान पर शिफ्ट होने का निर्णय लिया।


