हरियाणा के कैथल में जाट समाज ने भजन गायक कन्हैया मित्तल के पोस्टरों पर कालिख पोत दी। साथ ही कार्यक्रम स्थल पर ताला जड़ दिया और कन्हैया मित्तल के खिलाफ नारेबाजी की। जाट समाज के लोग कन्हैया मित्तल के सोशल मीडिया पेज पर महाराजा सूरजमल को सूरज खान लिखने से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि कन्हैया मित्तल ने महाराजा सूरजमल का अपमान किया है। भजन गायक ने माफी नहीं मांगी तो वे पुलिस में शिकायत करेंगे। विवाद के बाद कन्हैया मित्तल की सोशल मीडिया टीम ने वीडियो जारी कर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि टाइपिंग मिस्टेक हुई थी। हमने तुरंत इसे ठीक कर दिया था। कन्हैया मित्तल की पोस्ट, जिस पर विवाद हुआ… सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला… युवक ने वीडियो जारी कर माफी मांगी
जाट समाज के विरोध के बाद मंगलवार सुबह कन्हैया मित्तल की सोशल मीडिया टीम ने वीडियो जारी किया। वीडियो में युवक ने कहा कि कार्यक्रम के लिए मुझे सोशल मीडिया की जिम्मेदारी दी गई थी। वीडियो प्रसारण करने के दौरान महाराजा सूरजमल को सूरजखान लिखा गया। जब मुझे इसके बारे में पता चला तो कार्यक्रम के बीच में ही इसे ठीक कर लिया गया। साथ ही महाराजा सूरजमल को आदरणीय कहकर संबोधित किया। महाराजा सूरजमल के बारे में जानें
महाराजा सूरजमल 18वीं सदी के एक महान जाट राजा थे, उन्हें जाटों का प्लेटो भी कहा जाता है। उन्होंने राजस्थान के भरतपुर रियासत की स्थापना की थी। उनका जन्म 13 फरवरी 1707 को हुआ था। 1733 में उन्होंने भरतपुर रियासत की नींव रखी। महाराजा सूरजमल अपने अदम्य साहस और युद्ध कौशल के लिए जाने जाते हैं। इतिहासकारों के अनुसार, महाराजा दोनों हाथों में तलवार लेकर युद्ध लड़ते थे और उन्होंने 80 से ज्यादा युद्ध जीते थे। उन्होंने भरतपुर में प्रसिद्ध लोहागढ़ किले का निर्माण करवाया था।


