साल के आखिरी दिन इस ठंड सीजन का पहला घना कोहरा छाया। कोहरे के कारण विजिबिलिटी करीब 20 मीटर से भी कम हो गई थी। सुबह 8 बजे तक भी घना कोहरा छाया रहा, जिसके कारण सड़कों पर आवागमन में दिक्कतें आईं। कोहरे के साथ ओस भी गिरी, जिससे तापमान में और गिरावट आई है। घने कोहरे के कारण नेशनल हाइवे पर वाहनों की आवाजाही कम हो गई। वाहन चालक हेडलाइट जलाकर सड़कों से गुजर रहे थे। हाइवे पर खड़े हो गए वाहन साल के आखिरी तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 7 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री तक की गिरावट आई है। सोमवार को अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार सुबह से छाए घने कोहरे के कारण नेशनल हाईवे से गुजरने वाले वाहनों को 20 मीटर भी देख पाना मुश्किल था। ऐसे में कई चालक वाहनों को सड़क किनारे खड़ा कर कोहरा छटने का इंतजार करते हुए नजर आए। मावठे की बारिश ने बदला मौसम का मिजाज दिसंबर के अंतिम और तीसरे पखवाड़े में तापमान में उछाल होने से ठंड का असर कम हो गया था। वहीं साल के अंतिम दिनों में जिले के कई क्षेत्रों में हुई मावठे की बारिश ने मौसम में बदलाव ला दिया। पश्चिमी विक्षोभ के कारण क्षेत्र में हवा आंधी के साथ बारिश हुई। बारिश के बाद से ही बीते दो दिनों से ठंड का एहसास होने लगा है। मौसम विभाग ने नए साल में कड़ाके की ठंड का अनुमान जताया है। ठंड से फायदा, कोहरे से हो सकता है नुकसान मौसम में बदलाव के साथ ठंड बढ़ने लगी है। वहीं बारिश के कारण कोहरा छाने लगा है। ठंड से रबी सीजन की गेहूं और चने की फसलों को फायदा होगा। लेकिन अगर इसी तरह घना कोहरा लगातार छाया रहा, तो गेहूं की फसलों को उत्पादन में नुकसान हो सकता है। तापमान विवरण


