नई दिल्ली स्थित संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन (IHRO) की वियतनाम प्रमुख हो किम डोम ने 21 सितंबर को विश्व शांति दिवस पर भारत शांति और न्याय यात्रा का समापन किया। अखिल भारतीय पंचायत परिषद (AIPP) ने कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ अशोक चौहान के नेतृत्व में IHRO की टीम का स्वागत किया। IHRO के अध्यक्ष डॉ नेम सिंह प्रेमी अमेरिका में “द रॉयल महारलिका” पुरस्कार से सम्मानित हैं। उन्होंने 2009 में इस गैर-लाभकारी संगठन की स्थापना की। डॉ प्रेमी को शारजाह में 17 भारतीयों को फांसी से बचाने और लीबिया में भारतीयों के पासपोर्ट वापस दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए जाना जाता है। इस अवसर पर डॉ प्रेमी ने कहा कि सरकारें विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से जन आकांक्षाओं की पूर्ति करती हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यों को पूरा करने के लिए समाज के जागरूक लोगों को आगे आना चाहिए। उनका संगठन पिछले 16 वर्षों से इस दिशा में कार्यरत है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका संगठन न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में मानवता के कल्याण के लिए काम करता रहेगा। इस मौके पर IHRO के शांति सेना की अध्यक्ष वियतनाम निवासी हो किम डॉन ने कहा कि भारत में इस शांति यात्रा का समापन हुआ है लेकिन दुनिया के अन्य देशों में अब इसकी शुरुआत होगी और शांति की स्थापना के लिए हर देशों में हमारे प्रतिनिधि जाकर शांति का संदेश देंगे l जाति, धर्म, भाषा और वास स्थान के आधार पर हो रहे संघर्षों को रोकने के लिए लोगों के बीच मध्यस्थता की जरूरत है हमारा संगठन यह कार्य सदैव करेगा l . अखिल भारतीय पंचायत परिषद के मीडिया सलाहकार बद्री नाथ ने कहा कि भारत वर्ष की सक्रिय पंचायतें हर समस्या का समाधान देती थीं इसमें समाज के गणमान्य लोगों की टीम दो पक्षों को बिठाकर न्याय करती थी आज लोगों को कोर्ट कचहरी में भटकना पड़ता है l शांति की स्थापना के लिए पंचायत व्यवस्था के पंच मॉडल को लागू करने की जरूरत है l अदालतों के आदेश से ज्यादा महत्वपूर्ण पंचायतों की मध्यस्थता प्रभावी समाधान दे सकती हैं l इस मौके पर अखिल भारतीय पंचायत परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ अशोक चौहान, मीडिया सलाहकार बद्री नाथ, बड़े बाबू रमाकांत शुक्ला, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के जी.के महासचिव वंशल, रविकांत सैनी ,समेत ढेर सारे गणमान्य और मानवाधिकार कार्यकर्ता व पंचायतों के नेता शामिल हुए l


