ग्वालियर में जानलेवा हमले के आरोप में पकड़े बदमाश भोला उर्फ लालू यादव के दो वीडियो सामने आए हैं। पहला वीडियो रविवार का है, जब पुलिस उसे गिरफ्तार करने के बाद सीन रीक्रिएशन के लिए घटनास्थल पर लेकर पहुंची थी। इसमें वह लंगड़ाता हुआ चलता दिख रहा है। वहीं, दूसरा वीडियो सोमवार का बताया जा रहा है, जिसमें भोला कोर्ट में पेशी के दौरान सीढ़ियां तेजी से उतरता नजर आता है। हालांकि, महाराजपुरा पुलिस ने कोर्ट का वीडियो पुराना होने का दावा किया है। भोला उर्फ लालू यादव पर महाराजपुरा क्षेत्र में प्लॉट पर निर्माण कार्य रोकने के विवाद में फायरिंग करने का आरोप है। उस पर पुलिस ने 10 हजार का इनाम भी घोषित किया था। रविवार को लंगड़ाता दिखा, सोमवार को दौड़ता
सामने आए वीडियो ने पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी ये है कि जो बदमाश रविवार को पुलिस की गिरफ्त में लंगड़ा कर चलता दिख रहा है, वह अगले ही दिन यानी सोमवार को पेशी के दौरान बिल्कुल सामान्य होकर तेजी से सीढ़ियां उतर रहा है। आरोपी बदमाश पर 10 हजार का इनाम था
पुलिस के मुताबिक घटना एक साल पहले 10 सितंबर महीने की है। घटना के बाद से ही आरोपी भोला यादव फरार था। उस पर 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। बीते शनिवार को भोला पुलिस के गिरफ्त में आया। रविवार को उसे घटनास्थल पर सीन रिक्रिएशन के लिए ले जाया गया। इस दौरान आरोपी की दहशत कम करने के लिए पुलिस ने जुलूस निकाला था। जमीन विवाद में फायरिंग, हत्या का प्रयास
महाराजपुरा निवासी मधुराम सिंह यादव और मोहन पाल के बीच जमीन विवाद को लेकर पहले से ही कोर्ट में केस चल रहा था। इसी दौरान मधुराम ने अपनी जमीन संदीप तोमर और पवन सिकरवार को बेच दी। 10 सितंबर 2024 को इसी जमीन को लेकर संदीप और मोहन पाल के बीच विवाद हुआ। झगड़े के दौरान भोला, संदीप, मधुराम और पवन ने मिलकर मारपीट की और फायरिंग कर दी। इसमें मोहन पाल की जान जाते-जाते बची। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया। इस मामले में पुलिस पवन को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। हाल ही में भोला भी पकड़ा गया, जबकि मधुराम और संदीप अब तक फरार हैं। विवादित जमीनों पर रहती थी गैंग की नजर
ग्वालियर में बदमाशों ने एक गैंग बना रखी थी। नजर हमेशा विवादित जमीनों पर रहती थी। जैसे ही कोई जमीन इनके निशाने पर आती, ये उसके असली मालिक को बहला-फुसलाकर कागजी कार्रवाई खुद से करके आगे की जिम्मेदारी खुद ले लेते थे। इसी तरह की एक डील में जब दूसरा पक्ष सामने आ गया तो जमकर विवाद हुआ और खून-खराबा तक हो गया। इसके बाद आरोपियों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया। मामला दर्ज होते ही सभी अंडरग्राउंड हो गए। हालांकि, पुलिस की दबिश के बाद गैंग ज्यादा समय तक छिप नहीं पाई और अब पुलिस भोला को गिरफ्तार कर लाई है। TI बोले- दूसरा वीडियो पुराना, कोर्ट का नहीं
महाराजपुरा थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि आरोपी ने क्षेत्र में वारदात की थी, इसलिए उसे मौके पर ले जाकर सीन रीक्रिएशन कराया गया। कोर्ट में पेशी वाला जो वीडियो सामने आ रहा है, वह सही नहीं है, पुराना लग रहा है।


