गवर्नमेंट कॉलेज खैरथल में बुधवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) दिवस बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने श्रमदान कर पौधों की देखभाल की और नवप्रवेशित युवाओं का ओरिएंटेशन किया गया। कार्यक्रम समन्वयक बीए तृतीय वर्ष की छात्रा मेघा और रजनदीप ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत में एनएसएस के लगभग सौ स्वयंसेवकों को छह दलों में विभाजित किया गया। सभी दलों ने महाविद्यालय प्रांगण में वर्षा ऋतु में लगाए गए पौधों के आसपास से खरपतवार हटाकर सफाई की,पौधों की जड़ों में गुड़ाई की और उन्हें पानी देकर संरक्षित करने का संकल्प लिया। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. नीतू जेवरिया ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि वर्षा ऋतु में लगाए गए पौधों की यदि नियमित देखभाल न हो तो वे नष्ट हो जाते हैं, ऐसे में छात्रों का पौधों को संरक्षित करने का प्रयास न केवल सराहनीय है बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल भी है। दूसरे सत्र में नवप्रवेशित और नवीनीकृत स्वयंसेवकों का ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसकी शुरुआत एनएसएस लक्ष्य गीत से की गई। उसके बाद नवप्रवेशित युवाओं का तिलक लगाकर और स्वागत कर उन्हें योजना की गतिविधियों से अवगत कराया गया। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने अपना परिचय दिया और सेवा भावना के संकल्प को दोहराया। संकाय सदस्य राजवीरसिंह मीणा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि एनएसएस केवल एक गतिविधि नहीं बल्कि जीवन जीने की शैली है, जो युवाओं को समाज और राष्ट्रहित के लिए कार्य करने की प्रेरणा देती है। वरिष्ठ कार्यक्रम प्रभारी डॉ. दीपक चंदवानी ने एनएसएस की रूपरेखा को एक मूल्य संवर्धित पाठ्यक्रम के रूप में समझाते हुए बताया कि ये योजना युवाओं में सेवा, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त माध्यम है। प्राचार्य डॉ. नीतू जेवरिया ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र सेवा के लिए सदैव प्रस्तुत रहना ही एनएसएस का मूल उद्देश्य है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत होने वाली सभी गतिविधियों में भाग लेकर अपने आत्मविश्वास को बढ़ाएं और व्यक्तित्व का समग्र विकास करें। इस अवसर पर संकाय सदस्य सरस्वती मीणा सहित हीना, बबीता, रेणु, नेनू, दीपा, क्रिश, किंजल, मीनाक्षी, अंजली, मुस्कान, गरिमा, मयंक, पायल आदि अनेक स्वयंसेवक मौजूद रहे। सभी ने सामूहिक रूप से पौधों की देखभाल और श्रमदान कर एनएसएस दिवस को यादगार बनाया।


