आप घर बैठे प्रयागराज कुंभ की पवित्रता और स्वच्छता का हिस्सा बन सकते हैं। इसके लिए पर्यावरण संरक्षण गतिविधि संस्था की ओर से चलाए जा रहे एक थाली, एक थैला अभियान के तहत श्रद्धा के अनुसार इन्हें कुंभ के कैंपों में भेज सकते हैं ताकि प्रयागराज कुंभ को फ्री डिस्पोजल और पॉलिथीन बनाया जा सके। प्रदेश से 2.30 लाख तथा देश से 15 लाख थाली और थैले भेजे जा रहे हैं। अजमेर से यह सामग्री 10 हजार की संख्या में भेजी जाएगी। पर्यावरण संरक्षण गतिविधि की अखिल भारतीय योजना के जिला संयोजक निरंजन शर्मा ने बताया कि कुंभ में छोटे-बड़े हजार कैंप लग रहे हैं। 13 जनवरी से 26 फरवरी तक बड़ी संख्या में लोग वहां एकत्रित होंगे। वहीं पर खरीदारी करेंगे और वहां लगने वाले भंडारों में प्रसादी लेंगे। कुंभ की पवित्रता और स्वच्छता का भाव हर घर तक पहुंचे, इसलिए 1 दिसंबर से देशभर में यह शुरुआत की गई। इससे पहले हरिद्वार कुंभ 2021 में 10 लाख कपड़े के थैले भेजकर उसे प्लास्टिक मुक्त करने का बड़ा प्रयास किया गया था। इसी क्रम में इस वर्ष डिस्पोजल एवं प्लास्टिक फ्री कुंभ बनाया जा रहा है। तय लक्ष्य के अनुसार जयपुर से 1 लाख, जोधपुर से 80 तथा चित्तौड़ प्रांत से 50 हजार और देशभर से करीब 15 लाख थालियां और कपड़े के थैले प्रयागराज कुंभ में भेजे जा रहे हैं। अभियान से जुड़ने वाले लोगों से 100 रुपए की राशि ली जा रही है, थाली और थैले को उनसे हाथ लगवाकर कुंभ में भेजा जा रहा है। एक निजी कार्यों कंपनी थाली और थैलों को कुंभ में पहुंचाने की फ्री सेवा दी जा रही है। अजमेर में 35 संस्थाओं की पहल, 10 हजार परिवारों को जोड़ा गया अखिल भारतीय पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के स्थानीय संयोजक निरंजन शर्मा ने बताया कि अजमेर में 35 संस्थाओं की ओर से एक महीने से इस काम को किया जा रहा है। कार्यकर्ता घर- घर जाकर कुंभ की पवित्रता से उन्हें जोड़ रहे हैं। 10 हजार का लक्ष्य भी पूरा कर लिया गया है, अभी भी कई जगह से मैसेज है, लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार इस काम को पूरा करने में लगे हैं। अजमेर से 10 हजार थालियों और कपड़े के थैलों को जल्द ही रवाना किया जाएगा।


